New Year 2023: स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में राज्य सरकार देगी सौगात, जानिए क्या है प्लान ?

बिहार सरकार नए साल में प्रदेश के लोगों को पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र में सौगात देने जा रही है। बिहार में दूसरा AIIMS दरभंगा में खुलने वाला है, वहीं Water Games के लिए सेंदर बनाए जा रहे हैं।

New Year 2023: 2023 की दस्तक के साथ ही बिहार में विकाय कार्यों को भी अमलीजामा पहनाने की क़वायद तेज़ कर दी गई है। इस बाबत स्वास्थ और पर्यटन क्षेत्र में प्रदेश को नई सौगात मिलने वाली है। बिहार सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैमूर में वाटर स्पोर्ट्स सेंटर खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके मद्देनज़र जिला प्रशासन को वाटर स्पोर्ट्स सेंटर बनाने के लिए बांध स्थल, चौड़ी नदी और बड़े घाटों को चयनित करने का जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से निर्देश दिया गया है।

Water Games के लिए चिन्हित की जा रही ज़मीन

Water Games के लिए चिन्हित की जा रही ज़मीन

वाटर गेम्स सेंटर के लिए राज्य सरकार ने जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार का हवाला देते हुए पटना, कैमूर, नालंदा, बक्सर, भोजपुर और सासाराम जिला प्रशासन को चिट्ठी भी भेजा है। पत्र में पर्यटन के ऐतबार से वाटर गेम्स को बढ़ावा देने का ज़िक्र किया गया है। पत्र में कहा गया है कि जिले में इतिहास, संस्कृति और विरासत की पहचान वाले कई क्षेत्र हैं। बड़े बांध, चौड़ी नदी के पाट, झील या फिर वैसे घाट जहां वाटर स्पोर्टस मुमकिन है, उसकी पहचान की जाए। ताकि जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार को चुने हुए जगहों का प्रस्ताव भेजा जा सके।

सैलानी भी उठा सकेंगे पानी के खेलों का लुत्फ

सैलानी भी उठा सकेंगे पानी के खेलों का लुत्फ

वाटर स्पोर्ट्स सेंटर विकसित होने पर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वाटर गेम्स के खिलाड़ी के साथ-साथ दूसरे सैलानी भी पानी के खेलों का लुत्फ उठा सकेंगे। मिली जानकारी के मुताबिक वाटर स्पोर्ट्स सेंटरों पर बोटिंग, स्कीइंग और वाटर बाइकिंग जैसे खेलों के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। वहीं जल क्रीड़ा क्षेत्र के खेल नौका दौड़, तैराकी जैसे खेलों के लिए प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराया जा सकता है। इसके ज़रिए वाटर गेम्स से जुड़े लोकल प्लेयर को अपने हुनर को तराशने का मौक़ा भी मिलेगा। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनेगी। कैमूर जिले में तेलहाड़ कुंड, करकटगढ्, जगदहवां डैम समेत पहाड़ी वादियों में कई स्थल हैं, जहां वाटर गेम्स आसानी से खेला जा सकता है।

CM नीतीश और डिप्टी CM तेजस्वी ने लिया फ़ैसला

CM नीतीश और डिप्टी CM तेजस्वी ने लिया फ़ैसला

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्लान की जानकारी तो आपको मिल गई। वहीं नए साल में स्वास्थ्य को लेकर सरकार क्या सौगात देने जा रही है इससे भी आपको रूबरू करवाने जा रहे हैं। बिहार में पटना के बाद अब दरभंगा में AIIMS बनाने की तैयारी की जा रही है। चर्चा है कि अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल परिसर में AIIMS का निर्माण नहीं होगा। दरभंगा में एम्स के लिए अशोक पेपर मिल की जमीन पर चिन्हित की गई है। ग़ौरतलब है कि सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इस बाबत फैसला लिया है। सूत्रों की मानें तो इस बाबत सरकार की तरफ से लेटर जारी कर दिया गया है।

केंद्र सरकार ने नामंज़ूर की थी सिफारिश

केंद्र सरकार ने नामंज़ूर की थी सिफारिश

राज्य सरकार ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एम्स बनाने की केंद्र सरकार से सिफारिश की थी लेकिन सरकार ने उसे मंज़ूरी नहीं दी थी। केंद्र सरकार ने सिफारिश को नामंज़ूर करते हुए साफ तौर पर कहा था कि DMCH को AIIMS के तौर पर विकसित करना मुश्किल है। इसलिए दरभंगा में एम्स के लिए कोई और जगह की तलाश करें, या फिर AIIMS के लिए किसी और शहर में जगह तलाश करें।

'DMCH में नहीं बनाया जा सकता है AIIMS'

'DMCH में नहीं बनाया जा सकता है AIIMS'

राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने मौक़े का जायज़ा लेने के लिए डीएमसीएच में टेक्निकल टीम भेजी थी। टेक्निकल टीम की रिपोर्ट में कहा गया था कि डीएमसीएच में एम्स नहीं बनाया जा सकता है। इसके पीछ वजह बताई गई कि डीएमसीएच जहां बना हुआ है वह निचले हिस्से में है। बारिश के मौसम में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। चार ब्लॉक में बंटे हुए डीएमसीएच कैंपस के बीच से ही पब्लिक रोड गुजर रही है। इसके अलावा एक हिस्सा रेलवे लाइन की दूसरी तरफ है।

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    अशोक पेपर मिल की ज़मीन पर AIIMS निर्माण

    अशोक पेपर मिल की ज़मीन पर AIIMS निर्माण

    DMCH में एम्स निर्माण के लिए पब्लिक रोड को डायवर्ट करना पड़ेगा और रेलवे लाइन की दूसरी तरफ़ की जमीन को ओवर ब्रिज से जोड़ना होगा। हेरिटेज इलाका होने की वजह से बिल्डिंग को तोड़ना आसान नहीं है। टेक्निकल टीम की जांच रिपोर्ट में हॉस्पिटल, हॉस्टल, बैंक, पोस्ट ऑफिस और पुलिस पोस्ट सबको शिफ्ट करने में आने वाली मुश्किलों का भी ज़िक्र किया गया था। DMCH के डॉक्टर्स और स्टाफ को भी शिफ्ट करने के साथ वहां कि कमियों को दूर करने में भी काफी वक़्त लगेगा। इन सब दिक्कतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की सिफारिश नामंज़ूर कर दी थी। वहीं अब अशोक पेपर मिल की ज़मीन पर AIIMS निर्माण की तैयारी चल रही है।

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