शरद पवार की एनसीपी अकेले ही लड़ेगी बिहार विधानसभा चुनाव, महागठबंधन में नहीं मिली जगह
पटना। महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर भले सरकार चला रही हो लेकिन वहां के समीकरण का असर बिहार विधानसभा चुनाव में नहीं दिख रहा है। यहां कांग्रेस महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। शिवसेना 40-50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। बिहार में एनसीपी का साथ न कांग्रेस ने दिया और न ही शिवसेना से गठबंधन की कोई चर्चा है। एनसीपी ने अकेले ही बिहार विधानसभा चुनाव में उतरने का ऐलान कर दिया है।

एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पार्टी महागठबंधन का हिस्सा बनना चाहती थी लेकिन जगह नहीं दी गई। शिवसेना के साथ एनसीपी की कोई वार्ता नहीं हुई है। पार्टी ने अकेले ही विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं की भी यह मांग है कि हमें अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए इसलिए यह चुनाव एनसीपी अकेले लड़ेगी। बताया जा रहा है कि बिहार में एनसीपी करीब 40 सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर सकती है।

एनसीपी ने स्टार प्रचारकों में 40 नेताओं के नामों का ऐलान भी कर दिया है। पार्टी सुप्रीमो शरद पवार, सांसद प्रफुल पटेल, सांसद सुनील तटकरे, सांसद सुप्रीया सुले, सांसद फौजिया खान, केके शर्मा, प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक, राजीव झा, नरेंद्र वर्मा, राजेंद्र जैन, सच्चिदानंद सिंह, ब्रिजमोहन श्रीवास्तव, के. जे. जोसेमन, धीरज शर्मा, सोनिया दुहान, शब्बीर विद्रोही, पुष्पेंद्र मलिक, सीमा मलिक, विरेंद्र सिंह, गोविंद भाई परमार, वेदपाल चौधरी, उमाशंकर यादव, एसपी शर्मा, मुरली मनोहर पांडे, नवलकिशोर साही समेत कई पार्टी नेताओं के नाम सूची में हैं। पार्टी ने कहा कि उम्मीदवारों की सूची भी जल्दी ही जारी कर दी जाएगी।

शिवसेना नेता संजय राउत ने फिर कहा कि बिहार में पार्टी 40 से 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी किसी के साथ गठबंधन के लिए कोई बात नहीं हुई है। कहा कि मैं अगले सप्ताह पटना जाऊंगा, पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी समेत अन्य स्थानीय दल शिवसेना से बात करना चाहती हैं। बिहार चुनाव में उतरी शिवसेना को इस बार निर्वाचन आयोग ने तुरही बजाता आदमी चुनाव चिन्ह दिया है। धनुष बाण चिन्ह पर शिवसेना चुनाव नहीं लड़ पाएगी।












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