Julie-Matuknath: 'पत्नी छूट गयी थी ...' जूली के प्रेम में पागल लव गुरु मटुकनाथ ने सालों बाद क्यों कही ऐसी बात?
Julie Matuknath Love Story: लव गुरु के नाम से मशहूर बिहार के मटुकनाथ चौधरी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। अपनी बेटी की उम्र की लड़की जूली से बेइंतहा मोहब्बत करने वाले मटुकनाथ इन दिनों तन्हा जीवन गुजार रहे हैं। ना तो उनके पास इस वक्त परिवार है और ना ही वो प्रेमिका, जिसके लिए उन्होंने अपनी फैमिली और समाज से बगावत कर डाली। अपना दर्द उन्होंने सोशल मीडिया पर व्यक्त किया है।

उनका दर्द क्या है इसे बताने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर उन्होंने फेसबुक पर अपनी पीड़ा का वर्णन क्यों किया है?
सोशल मीडिया पर बयां किया मटुकनाथ ने दर्द
दरअसल हाल ही में कुछ मीडिया चैनलों पर उनकी प्रेमकहानी और प्रेमिका से जुड़ी खबरें चलाई गई थी लेकिन उन खबरों में मटुकनाथ की मौजूदा स्थिति और उनकी वर्तमान इच्छा के बारे में बातें ना करके उनके अतीत का ही वर्णन किया गया, जिसके कारण मटुकनाथ थोड़ा व्यथित हो गए और इसी कारण अपना दुख उन्होंने सोशल मीडिया पर बयां किया है।
बेटी की उम्र की लड़की से इश्क कर बैठे मटुकनाथ
आपको बता दें कि वो साल 2004 से ही अपनी शिष्या जूली, जो उम्र में उनसे 30 साल छोटी थी, के प्रेम में गिरफ्तार थे लेकिन उनके प्यार की सच्चाई साल 2006 में सामने आई और इसके बाद उनके घर में कोहराम मच गया। आज उनका परिवार उन्हें पूछता नहीं है। वो परिवार से दूर भागलपुर जिले के बिहपुर एरिया में स्थित जयरामपुर गांव में एक प्राइवेट स्कूल चला रहे हैं।
'पत्नी छूट गयी थी 1995 में ही और उसी समय परिवार...'
मटुकनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि 'पत्नी छूट गयी थी 1995 में ही और उसी समय परिवार खीरे की तरह हो गया था। ऊपर से मिला हुआ लेकिन अंदर से टूटा हुआ, अलग-थलग, मैं घर से विधिवत निष्कासित 2005 में हुआ और साथ ही दुख से मुक्त भी हो गया ।'
मटुकनाथ और उनकी पत्नी के बीच में पहले से ही दूरियां थीं?
तो क्या इसका मतलब ये माना जाए कि उनकी जिंदगी में जूली की एंट्री से पहले ही उनकी और उनकी पत्नी के बीच में दूरियां थी?
'अंदरूनी बेचैनी दूर करने का प्रयत्न करती रही जूली'
इसके बाद मटुकनाथ ने लिखा है कि 'जूली अपनी आध्यात्मिक रुझान के कारण 2014 से ही भारत-भ्रमण कर अपनी अंदरूनी बेचैनी दूर करने का प्रयत्न करती रही । इसके बाद उसने अलग जीवन जीने की ख्वाहिश मेरे सामने रखी । मेरी अस्वीकृति का सवाल नहीं था । उसका हित जिसमें हो, वही मुझे करना था।'
'जब उसके साथ साढ़े चार महीने रहकर मैं स्वदेश लौटा था'
'मैंने उसे सदैव स्वतंत्रता दी, उसने भी मेरे साथ ऐसा ही किया, उसके अलग होने का दुख तो हुआ, लेकिन सबसे ज्यादा कचोट इस बात की रही कि उसका फैसला सही नहीं था।उसके बुरे स्वास्थ्य ने मुझे बहुत बेचैन किया,यह बेचैनी तब कम हुई, जब उसके साथ साढ़े चार महीने रहकर मैं स्वदेश लौटा था।वह जहां है, बहुत संतुष्ट है,उसका कहना है कि वहां उसकी जितनी अच्छी देखभाल होती है, उतनी दुनिया में कहीं संभव नहीं है।'
साल 2018 में 40 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए मटुकनाथ
आपको बता दें कि शिष्या जूली से अफेयर की खबरें आने के बाद ही प्रोफेसर मटुकनाथ को बीएन कॉलेज ने निलंबित कर दिया था लेकिन साल 2018 में वो 40 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए और उसके बाद वो जयरामपुर गांव में एक स्कूल चला रहे हैं और उससे बहुत खुश हैं।
'मैं कार वैलेंटाइन डे पर जूली को गिफ्ट करना चाहता हूं'
उन्होंने ये भी कहा कि 'उन्हें कॉलेज की ओर से वेतन-भत्ता मिलाकर करीब 20 लाख रु मिले हैं, जिसमें टैक्स काटकर अब उनके खाते में 16 लाख रु आए हैं। मैं उन्हीं पैसों में से एक कार खरीदूंगा और बाकी पैसे मैंने स्कूल के निर्माण में लगा दिया है। मैं कार वैलेंटाइन डे पर जूली को गिफ्ट करना चाहता हूं, मुझे आशा है कि वो मेरे इस सरप्राइज गिफ्ट से बहुत ज्यादा खुश होगी।'












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