‘भूमिहार हूं...’, RJD उम्मीदवार मुन्ना शुक्ला के जातिसूचक बयान पर भड़का गुस्सा, बिना शर्त मांगी माफी
बिहार के बाहुबली नेता और वैशाली से महागठबंधन के उम्मीदवार मुन्ना शुक्ला के दलित सूचक बयान पर हंगामा मचा हुआ है। इससे सोशल मीडिया पर लोग उनकी तथा आरजेडी की आलोचना कर रहे हैं। इससे पहले शनिवार को पार्टी का सिंबल लेने राबड़ी आवास पहुंचे मुन्ना शुक्ला ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "हम भी भूमिहार ही हैं, च#!र थोड़े ही हैं।
वो ये बयान देते ही सुर्खियों में आ गए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उनकी आलोचना की जाने लगी। एनडीए नेताओं ने भी हमला बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस बयान से राजद का दलित विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।

भारी नाराजगी को देखते हुए मुन्ना शुक्ला ने बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने इसे एक गलती बताते हुए अपने शब्द वापस ले लिए। उन्होंने इससे संबंधित एक वीडियो बयान जारी किया है।
मुन्ना शुक्ला ने कहा कि सोशल मीडिया पर मेरे बारे में जाति विशेष करके जो टैग लाइन चलाया जा रहा है, मेरी किसी वर्ग विशेष को दुख पहुंचाने की कोई भावना नहीं थी। अगर दुख पहुंचा है तो मैं इसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं, माफी चाहता हूं। मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। मैं सभी वर्गों का सम्मान करता हूं।
कौन हैं मुन्ना शुक्ला
मुन्ना शुक्ला 2000 में वैशाली जिले के लालगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। इसके बाद मुन्ना शुक्ला ने फरवरी 2005 में लोजपा से और नवंबर 2005 में जदयू से चुनाव जीता था। हालांकि बिहार सरकार के मंत्री बृज बिहारी हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला को जेल जाना पड़ा था। उसके बाद बाहुबली ने अपनी पत्नी अनु शुक्ला को जदयू के टिकट पर विधायक बनाया था।
वैशाली में मुकाबला कड़ा
वैशाली लोकसभा सीट से मुन्ना शुक्ला के चुनावी मैदान में आने के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इस सीट पर कई दशक से राजपूत उम्मीदवारों का दबदबा है। एनडीए में ये सीट लोजपा को मिली है जहां से वीणा देवी को फिर से टिकट मिला है। वहीं, इस बार राजपूत प्रत्याशी को टक्कर देने के लिए भूमिहार उम्मीदवार को उतारा गया है।












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