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MP Report Card: 2024 से सांसद की कुर्सी पर बैठीं Shambhavi Choudhary, काम में '0', कहां डकार गईं 9 करोड़?

Shambhavi Choudhary MP Report Card: 18वीं लोकसभा के गठन को डेढ़ साल बीत चुके हैं, लेकिन कई सांसद अपने क्षेत्र की जनता से दूर नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में जहां विपक्षी सांसदों पर 'सांसद जी गायब' के पोस्टर लग रहे हैं, वहीं NDA के कुछ सांसद भी विकास कार्यों में पिछड़ते दिख रहे हैं। बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट से LJP (RV) की सांसद शांभवी चौधरी का नाम भी इसी फेहरिस्त में शामिल हो गया है।

MPLADS के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 से अब तक आवंटित 9.80 करोड़ रुपये में से एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। 60 प्रस्तावित कामों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ। क्या यह फंड का दुरुपयोग है? क्या शांभवी की सांसदी पर खतरा मंडरा रहा है? Oneindia की जांच में MPLADS डेटा से यह खुलासा हुआ है। आइए, आंकड़ों, तुलना, फैक्ट्स और टाइमलाइन के साथ इसकी गहराई समझते हैं...

Shambhavi Choudhary MP Report Card

Who Is Shambhavi Choudhary: शांभवी चौधरी कौन हैं: सबसे युवा सांसद का राजनीतिक सफर

शांभवी चौधरी एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो बिहार के समस्तीपुर (SC) लोकसभा क्षेत्र से 18वीं लोकसभा की सदस्य हैं। वे देश की सबसे युवा सांसदों में शुमार हैं, जिन्होंने 25 साल की उम्र में चुनाव जीतकर इतिहास रचा। LJP (RV) के टिकट पर 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सनी हजारी को करीब 1,87,251 वोटों से हराया। उनकी पार्टी NDA गठबंधन का हिस्सा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके समर्थन में रैलियां कीं। शांभवी एक राजनीतिक परिवार से आती हैं, जहां तीन पीढ़ियां राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनके पिता अशोक चौधरी बिहार सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और JD(U) के प्रभावशाली नेता हैं, जो पहले कांग्रेस में थे।

Shambhavi Choudhary MP Report Card

दादा महावीर चौधरी भी कांग्रेस में विधायक और मंत्री रह चुके हैं। शांभवी खुद दलित, महिलाओं और युवाओं की आवाज बनने का दावा करती हैं। उन्होंने कहा है कि राजनीति के जरिए समाज में बदलाव लाना उनका मकसद है। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने राजनीति चुनी। उनकी शिक्षा नोट्रे डेम एकेडमी (पटना) से शुरू हुई, लेडी श्री राम कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से ग्रेजुएशन, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से MA (सोशियोलॉजी) और फिलहाल मगध यूनिवर्सिटी से PhD कर रही हैं। संपत्ति के मामले में उनकी कुल संपत्ति 4.54 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जबकि देनदारियां 1.72 करोड़ रुपये से अधिक हैं।

Shambhavi Choudhary MP Report Card

Shambhavi Choudhary Love Story: शांभवी की लव स्टोरी?

शांभवी चौधरी की शादी 2022 में सायन कुणाल से हुई, जो बिहार के पूर्व IPS अधिकारी अचार्य किशोर कुणाल (Former IPS officer Acharya Kishore Kunal) के बेटे हैं। यह अंतरजातीय विवाह था, जहां शांभवी के पिता अशोक चौधरी ने भी अपनी जाति से बाहर शादी की थी, जबकि सायन भूमिहार जाति से हैं। शादी के बाद शांभवी पारिवारिक जीवन में व्यस्त नजर आती हैं। वे अक्सर सोशल मीडिया पर पति के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं, जैसे केसरिया में विराट रामायण मंदिर के शिवलिंग पूजा का पल। शादी के बाद से उनका फोकस सामाजिक कार्यों और राजनीति पर रहा है।

Shambhavi Choudhary MP Report Card

वर्तमान में उनके कोई सार्वजनिक रूप से घोषित बच्चे नहीं हैं। शांभवी ने अपनी लव स्टोरी को ज्यादा सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन शिक्षा और सामाजिक कार्यों के दौरान सायन से मुलाकात हुई मानी जाती है। उनके ससुर किशोर कुणाल महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव रहे हैं और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। यह शादी राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में काफी चर्चित रही।

MPLADS क्या है: सांसदों की जिम्मेदारी और फंड उपयोग के नियम

Shambhavi Choudhary MP Report Card

MPLADS (मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम) केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत हर सांसद को अपने क्षेत्र के विकास के लिए सालाना 5 करोड़ रुपये मिलते हैं। यह फंड सड़कें, स्कूल, अस्पताल, जलापूर्ति, स्वच्छता, खेल मैदान और सामुदायिक केंद्रों जैसे बुनियादी कार्यों पर खर्च होता है। योजना 1993 से चल रही है। सांसद प्रोजेक्ट सुझाते हैं, जिला प्रशासन (DM) मंजूरी देता है और कार्यान्वयन करता है। फंड नॉन- लैप्सेबल है, यानी बचा पैसा अगले साल इस्तेमाल हो सकता है। SC क्षेत्रों में 15% और ST क्षेत्रों में 7.5% फंड अनिवार्य रूप से खर्च करना पड़ता है।

MPLADS पोर्टल पर सभी डेटा अपलोड होता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। दुरुपयोग पर जांच और सजा का प्रावधान है। 19वीं लोकसभा (2024 से अब तक) में कुल आवंटन करीब 5,485 करोड़ रुपये है, लेकिन उपयोग सिर्फ 1.82%। उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में कई सांसदों ने शून्य खर्च किया है। COVID के बाद फंड उपयोग में गिरावट आई है, लेकिन सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे क्षेत्र की जरूरतों पर फोकस करें।

Shambhavi Choudhary Report Card: जीरो खर्च, 60 प्रस्तावित काम अधर में

2024 से समस्तीपुर लोकसभा सीट से सांसद बनने के बाद शांभवी चौधरी को MPLADS के तहत 9.80 करोड़ रुपये आवंटित हुए। लेकिन MPLADS पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक खर्च शून्य है। 60 प्रस्तावित कामों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ। यह डेटा समस्तीपुर के विकास पर सवाल खड़े करता है। क्षेत्र में सड़कें खराब हैं, अस्पताल अपग्रेड की जरूरत है और बुनियादी सुविधाओं की कमी है। शांभवी ने कहा है कि फंड उनके असेसमेंट और प्रायोरिटी के आधार पर उपयोग होगा, लेकिन आलोचक पूछ रहे हैं कि डेढ़ साल में एक भी काम क्यों नहीं हुआ।

उठते सवाल: फंड कहां गया, सांसदी पर खतरा मंडराया?

शांभवी चौधरी की सांसदी मिश्रित है - राजनीतिक उछाल तो है, लेकिन विकास कार्यों में कमी साफ नजर आ रही है। MPLADS में 204 में से सिर्फ 61 काम पूरे होने के दावे हैं, लेकिन शांभवी के मामले में 0 पूरे काम क्यों? क्या देरी जिला प्रशासन की है या सांसद की अनुपस्थिति? क्या फंड का मिसयूज हुआ है? जनता पूछ रही है कि बाकी 67% फंड कहां है? पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन MPLADS में कमी ED स्कैम जैसे विवादों से ध्यान भटका सकती है। समस्तीपुर में विकास की मांग तेज है - सड़कें, अस्पताल और स्वच्छता पर काम की जरूरत है। 2026 चुनाव में LJP (RV) और NDA के लिए चुनौती बन सकता है। शांभवी भाषणों में टॉप हैं, लेकिन MPLADS में गिरावट उनकी ग्लैमर वाली इमेज को नुकसान पहुंचा रही है। क्या वे अब एक्शन लेंगी? समय बताएगा।

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