Gaya News: जल जीवन हरियाली अभियान के तहत लगाए गए 6 लाख से ज्यादा पौधे, बढ़ रहे रोज़गार के अवसर
Gaya Jal Jeevna Hariyali Abhiyan: जल-जीवन-हरियाली अभियान अन्तर्गत महात्मा गांधी नरेगा से गया जिला में लगभग 6 लाख से अधिक पौधा प्रतिवर्ष लगाया जा रहा है, ताकि गया को अधिक से अधिक वनच्छादित किया जा सके।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में भी ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त 6, 40, 000 के लक्ष्य के विरूद्ध 9, 52, 000 पौधारोपण किया गया। इस वर्ष भी ग्रामीण विकास विभाग से गया जिला को महात्मा गांधी नरेगा अन्तर्गत 7.04 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त है।

उप विकास आयुक्त, गया द्वारा बताया गया कि इस बार गया जिला में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वृक्ष लगाये जायेगें। उनके द्वारा बताया गया कि 7.04 लाख विभागीय लक्ष्य के अलावा प्रत्येक प्रखण्ड में कम से कम 5000 मोरिंगा (सहजन) के पौधा लगाने का लक्ष्य है।
मोरिंगा का पौधारोपण विशेष रूप से स्वयं सहायता सदस्य के जीविका दीदी के निजी जमीन पर मनरेगा की व्यक्तिगत लाभ की योजना के तहत कार्य कराया जायेगा। इससे एक तरफ दीदी को जहाँ रोजगार उपलब्ध होगा। लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगी।
मोरिंगा के फल एवं फुल को बेचकर, मोरिंगा के पौधे से प्राप्त पत्तियों का पाउडर बनाकर तथा उसका पशु आहार बनाकर व्यावसायिक रूप से उनका इस्तेमाल कर दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके। मोरिंगा के पत्तों की प्रसंस्करण एवं विपणन करने हेतु नाबार्ड की सहायता ली जा रही है।
बिहार में गया जिला में इस प्रकार का पहला प्रयास किया जा रहा है। जिससे मनरेगा वृक्षारोपण के तहत दीदियों की सतत आजीविका सुरक्षित किया जा सके। उप विकास आयुक्त, गया ने यह भी बताया कि जो सड़कें बाहर के प्रदेशों से गया जिला में प्रवेश करती है, वहां वृक्षारोपण किया जाएगा।
गया में प्रवेश करने वाली विभिन्न प्रदेशों की सड़कों के किनारे पंचायतों में जापानी तकनीक मियावाकी का प्रयोग कर मनरेगा से वृक्षारोपण करने का प्रयास किया जा रहा है। मियावाकी तकनीक के तहत लगाये गये पौधों में काफी वृद्धि होती है तथा कम स्थान में ज्यादा पौधे लगते है।
गया जिले में सूक्ष्म कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने हेतु प्रत्येक प्रखण्ड में लगभग 1000 बास का वृक्षारोपण करने का सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को निदेश दिया है, ताकि गया जिला में टोकरी बनाने, गैबियन बनाने, झाडू बनाने एवं अन्य बॉस से संबंधित सूक्ष्म कुटीर उद्योग को स्थानीय स्तर पर उसके लिए कच्चा माल उपलब्ध हो सके।
कुटीर उद्योग में शामिल लोगों की आजीविका में उन्नति हो सकें। इस वित्तीय वर्ष में नदी एवं उसकी सहायक वितरिकाओं के किनारे वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण करने का लक्ष्य गया जिला में लिया गया है, जिसमें लगभग 21, 6000 पेड़ फल्गू और उसकी सहायक नदियों के किनारे लगाया जायेगा।












Click it and Unblock the Notifications