'वोट के लिए पीएम मोदी नाचेंगे भी', इस बयान पर आगबबूला हुई भाजपा, बोली- राहुल गांधी लोकल गुंडा
Bihar elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर से अपना प्रचार अभियान शुरू किया। एक संयुक्त रैली में राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ मंच साझा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों पर तीखा हमला किया।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि मतदाता उनसे वोट के बदले नाचने को कहेंगे, तो वे मंच पर नाच भी देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी को छठ पूजा या यमुना सफाई से कोई सरोकार नहीं, उन्हें बस वोट चाहिए।

राहुल गांधी लोकल गुंडा
पीएम मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा ने आगबबूला हो गए और जमकर पललवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा राहुल की भाषा को 'स्थानीय गुंडे' जैसा बताते हुए कहा कि उन्होंने 'पीएम मोदी को वोट देने वाले हर व्यक्ति का अपमान किया है।' भाजपा ने आरोप लगाया कि इन टिप्पणियों ने 'भारतीय मतदाताओं और लोकतंत्र का उपहास उड़ाया है।'
राहुल के पास पीएम मोदी के लिए गाली के अलावा कुछ नहीं
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा, "राहुल गांधी अक्सर अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। जब बात प्रधानमंत्री मोदी की आती है, तो वे और कांग्रेस पार्टी के कई नेता इसी तरह की शब्दावली का प्रयोग करते हैं।" कोहली ने आगे कहा कि यह स्पष्ट है कि उनके पास मोदी के लिए गालियों के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि जनता इस पर निर्णय लेगी, और वह लगातार प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के लिए मतदान कर रही है।
राज्यों में भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार का जिक्र करते हुए कोहली ने कहा कि जनता इसके लिए वोट दे रही है, और राहुल गांधी के पास गालियों के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा, "SIR (मतदाता सूची संशोधन) केवल बंगाल में नहीं, बल्कि कई राज्यों में हो रहा है।"
संविधान में चुनाव आयोग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कोहली ने समझाया कि आयोग का कार्य संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने मतदाता सूची में विसंगतियों का उल्लेख किया, जैसे मृतक व्यक्ति का नाम, एक ही व्यक्ति का दो बार नाम, या ऐसे काल्पनिक नाम जो मौजूद नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों या विदेश से आए लोगों के नाम भी सूची में हो सकते हैं। कोहली ने सवाल उठाया, "क्या इन नामों को सूची में रहना चाहिए या हटा देना चाहिए?" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग संविधान और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं, वे इसका विरोध कैसे कर सकते हैं? कोहली ने कहा कि जनता उनसे पूछेगी कि क्या वे निष्पक्ष चुनावों में विश्वास करते हैं या नहीं।












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