Modi Cabinet: गिरिराज सिंह का कटेगा पत्ता? मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में बिहार से 3 नए चेहरे बन सकते हैं मंत्री
Bihar Ministers in Modi Cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में जल्द कैबिनेट विस्तार होने की चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि सरकार कुछ नए चेहरों को मौका दे सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारी बदल सकती है। अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसका असर बिहार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल बिहार से केंद्र में आठ मंत्री हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में कई नए नामों की चर्चा है। वहीं, कुछ मौजूदा मंत्रियों की कुर्सी पर भी सवाल उठ रहे हैं। आइए जानते हैं बिहार से कौन मंत्री बन सकता है और किसकी छुट्टी की चर्चा है।

Modi Cabinet Expansion: बिहार कोटे में बदलाव की चर्चा क्यों?
बिहार में अभी विधानसभा चुनाव नहीं हैं, लेकिन केंद्र सरकार के कैबिनेट विस्तार में राज्य की भूमिका अहम मानी जा रही है। बिहार से इस समय बीजेपी, जेडीयू, हम और लोजपा (रामविलास) के कुल आठ मंत्री हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू दोनों जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखकर नए चेहरों को आगे ला सकते हैं। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले बिहार के नेताओं को भी नई जिम्मेदारी देकर आसपास के इलाकों के वोटरों तक संदेश देने की कोशिश हो सकती है।
सतीश चंद्र दुबे और गिरिराज सिंह की जगह नए चेहरों की चर्चा
कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं में सबसे ज्यादा जिन बदलावों की बात हो रही है, उनमें सतीश चंद्र दुबे और गिरिराज सिंह के नाम शामिल हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि दुबे की जगह राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा को मौका मिल सकता है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की जगह नवादा सांसद विवेक ठाकुर का नाम सामने आ रहा है। वहीं जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को राजपूत समाज का मजबूत चेहरा माना जाता है। हालांकि इन सभी नामों पर अभी सिर्फ राजनीतिक चर्चा चल रही है।माना जा रहा है कि बीजेपी युवा नेतृत्व, जातीय संतुलन और 2027 के चुनावी समीकरण को ध्यान में रखकर ऐसे बदलाव पर विचार कर सकती है। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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नीतीश कुमार और संजय झा को लेकर क्या चर्चा है?
सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर हो रही है। कुछ राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर वह केंद्र की राजनीति में आते हैं तो कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। दूसरी ओर जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का नाम भी मंत्री पद के लिए लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर जेडीयू के कोटे में बदलाव होता है या नई जगह बनती है, तभी उनके लिए मौका बन सकता है।
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अंतिम फैसला किस आधार पर होगा?
मोदी सरकार का कैबिनेट विस्तार केवल प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक जरूरतों को देखते हुए भी तय होगा। उत्तर प्रदेश चुनाव, बिहार के जातीय समीकरण, सहयोगी दलों की हिस्सेदारी और संगठन की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जा सकता है। इसलिए जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनके मंत्री बनने या हटने पर अभी कुछ भी तय नहीं माना जा सकता। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।












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