दोस्ती में बदली दो बहुबलियों की दुश्मनी, सब कुछ भूलकर मिले गले, नीतीश-तेजस्वी भी हुए उनकी खुशी में शामिल
एक वक्त था जब बिहार में पूर्व सांसद आनंद मोहन और जनाधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव की दुश्मनी के किस्से काफी फेमस थे। दोनों के समर्थकों के बीच दर्जनों बार झड़प हुई, जिसमें कई लोगों की जान भी गई, लेकिन सोमवार को दो कट्टर दुश्मनों के बीच कुछ ऐसा हुआ कि सोशल मीडिया पर जोर-शोर से उसकी चर्चा होने लगी।

बेटी की सगाई में पहुंचे
दरअसल पटना के एक होटल में आनंद मोहन सिंह की बेटी सुरभि आनंद की सगाई थी। जिसमें नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव समेत कई मंत्री और नेता मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के लिए आनंद मोहन ने पप्पू यादव को भी निमंत्रण भेजा था। कार्यक्रम में पहुंचते ही लोगों ने देखा कि यादव और मोहन की दुश्मनी दोस्ती में बदल गई। दोनों पहले गले मिले और फिर काफी देर तक एक-दूसरे से बात की। इसके अलावा पप्पू यादव ने सुरभि से मिलकर उनको नए सफर के लिए बधाई दी।

1990 के दशक से दुश्मनी
बिहार की राजनीति पर करीब से नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक 1990 के दशक से दोनों बहुबलियों के बीच कट्टर दुश्मनी थी। उन्होंने अपनी-अपनी जातियों की सुरक्षा को लेकर काफी लड़ाइयां लड़ीं। उस दौर में उन्होंने एक-दूसरे को मात देने के लिए हर हथकंडे अपना लिए थे। उनके समर्थक भी रोजाना लड़ा करते थे, जिसमें सैकड़ों गोलियां चली होंगी।

जब आनंद मोहन ने बचाई थी पप्पू की जान
वैसे दोनों के बीच का एक किस्सा और भी फेमस है, जहां आनंद मोहन ने निजी दुश्मनी भूलाकर पप्पू यादव की जान बचाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सहरसा से पटना आते वक्त यादव की गाड़ी दुर्घटना ग्रस्त हो गई और उनको बहुत से लोगों ने घेर लिया। इसकी खबर जैसे ही आनंद मोहन को लगी, वो वहां पहुंचे और उन्होंने पप्पू यादव को गाड़ी से निकलवाया।

जेपी आंदोलन से शुरू हुई राजनीति
आनंद मोहन बेटी की सगाई के लिए 15 दिनों की पैरोल पर बाहर आए हैं। वो बिहार के सहरसा जिले के पचगछिया गांव के रहने वाले हैं। 1974 में जब वो कॉलेज में थे, तो लोकनायक जयप्रकाश नारायण की क्रांति में शामिल हो गए। फिर इमरजेंसी के वक्त वो जेल गए। बाद में उनका कॉलेज छूट गया और वो सियासत में उतरे। इसके बाद उन्होंने 1990 में जनता दल के टिकट पर माहिषी विधानसभा सीट से चुनाव जीता। बाद में बिहार के बाहुबली बन गए। तब से उनकी दुश्मनी पप्पू यादव से थी।












Click it and Unblock the Notifications