Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में आतंकी हमले की धमकी, आरोपी के पुलिस ने बिहार से किया गिरफ्तार
Maha Kumbh 2025 Bomb Threat: महाकुंभ में आतंकी हमले की धमकी देने के आरोप में 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी शनिवार को बिहार के पूर्णिया में हुई। छात्र ने अपने दोस्त को फंसाने के लिए फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। पुलिस उसे आगे की जांच के लिए प्रयागराज ले गई है।
31 दिसंबर को धमकी सामने आने के बाद मेला कोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच के लिए साइबर पुलिस समेत तीन टीमें बनाई गईं। उन्होंने आईपी एड्रेस का पता बिहार के पूर्णिया के भवानीपुर शहीदगंज से लगाया।

जांच और गिरफ्तारी: आईपी एड्रेस को ट्रेस करने पर पता चला कि इंस्टाग्राम आईडी बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया फोन नंबर भवानीपुर शहीदगंज का है। इसके बाद पुलिस की तीन टीमें पूर्णिया पहुंचीं, जहां उन्होंने संदिग्ध की तलाश में छापेमारी की। बिहार पुलिस की मदद से शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला नाबालिग है। उसने बताया कि उसका अपने दोस्त नसर पठान से विवाद था और उसे फंसाने के लिए उसने उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। धमकी भरा पोस्ट इसी योजना का हिस्सा था।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?: एसएसपी कुंभ राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे प्रयागराज लाया जा रहा है। यहां लाने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब घटना के बारे में और जानकारी जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
यह मामला तब लोगों के ध्यान में आया जब 31 दिसंबर को एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ। इसमें नसर पठान नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही, महाकुंभ में आतंकवाद की धमकी भी दी गई थी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ: ऑनलाइन चैट में शामिल युवक ने दावा किया कि वह भवानीपुर, पूर्णिया (बिहार) में रहता है। इस जानकारी से अधिकारियों को अपनी खोज को सीमित करने में मदद मिली और अंततः उसे पकड़ लिया गया। यह मामला व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को उजागर करता है।
यह घटना ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी में सतर्कता के महत्व को रेखांकित करती है और यह सुनिश्चित करती है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा खतरों को गंभीरता से लिया जाए। अधिकारी इस मामले में अपनी जांच जारी रख रहे हैं।












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