Loksabha Elections 2024: बेगूसराय संसदीय क्षेत्र से गिरिराज सिंह होंगे BJP उम्मीदवार या कोई और ठोकेंगे ताल!
Loksabha Elections 2024 के मद्देनज़र INDIA बनाम NDA की सियासत ज़मीनी स्तर पर शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय पार्टी से लेकर क्षेत्रीय दलों के कार्यकर्ताओं ने अभी से ही चुनावी भूमिका बनानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सियासी गलियारों में बेगूसराय लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कौन होंगे पर चर्चा तेज़ हो चुकी है।
वन इंडिया हिंदी से बिहार की राजनीति के जानकार राजेश कुमार टूना ने प्रदेश के सियासी समीकरणों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बेगूसराय में किसकी पकड़ ज़्यादा मज़बूत है और कौन प्रबल दावेदार हो सकते हैं। 2024 के चुनाव पर राजनीति तेज़ होते ही संभावनाओं की सियासत पर चर्चा शुरू हो गई है।

राजेश कुमार टूना ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में बेगूसराय लोकसभा सीट से भाजपा के गिरिराज सिंह ने भाकपा प्रत्याशी कन्हैया कुमार को ज़बरदस्त चुनावी मात दी थी। उस वक्त कन्हैया की रैली देखकर लोग यही अंदाज़ा लगाते थे कि कन्हैया एकतरफा जीत दर्ज करेंगे और जब परिणाम आया तो लोगों के होश ही उड़ गए।
राजेश कुमार टूना ने कहा कि कन्हैया कुमार मौजूदा वक्त में कांग्रेस के साथ हैं, इसके साथ ही वह राहुल गांधी के करीबी भी माने जा रहे हैं। कांग्रेस में 'INDIA' के मुताबिक चीज़ें तय होंगी, इस पर चर्चा बाद में करेंगे। फिलहाल जो चर्चा तेज़ है, उस पर बात करतें हैं। बेगूसराय लोकसभा सीट से भाजपा की तरफ़ से उम्मीदवार कौन होगा इस पर संशय बरकरार है। बेगूसराय से भाजपा उम्मीदवार के लिए दो नाम गिरिराज सिंह और राकेश सिन्हा चर्चा में है।

बेगूसराय के सियासी समीकरण और राजनीतिक पकड़ के ऐतबार से देखें तो गिरिराज सिंह मज़बूत स्थिति में दिख रहे हैं। वहीं राकेश सिन्हा की ज़मीनी स्तर पर पकड़ कम नज़र आ रही है। चुनाव में कोई भी पार्टी उस उम्मीदवार पर दांव खेलना चाहती है, जिसके ज़रिए उनके खाते में जीत दर्ज हो सके।
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा हो रही है कि गिरिराज सिंह को मुंगेर से चुनाव लड़ाया जा सकता है। वहीं गिरिराज सिंह कह ही चुके हैं कि उन्हे पार्टी जहां से भी चुनाव मैदान में उतारेगी, वह तैयार हैं। टूना सिंह ने कहा कि बेगूसराय सीट से 2019 का चुनाव जीत कर गिरिराज सिंह अपनी लोकप्रियता और जनाधार साबित कर चुके हैं।

भाजपा भी यही चाहेगी कि उन्हें बेगूसराय लोकसभा सीट से जिताऊ उम्मीदवार मिले। वहीं राकेश सिन्हा की बात की जाए तो वह भी सुलझे हुए व्यक्ति हैं, अच्छे वक्ता हैं, लेकिन चुनाव में ज़मीनी स्तर पर मज़बूत और कार्यकर्ताओं के सहारे जीत दर्ज की जाती है।
गिरिराज सिंह के मुकाबले राकेश सिन्हा की मतदाताओं और कार्यकर्ताओं में लोकप्रियता कम है। इसलिए उन्हें टिकट मिलने की संभावना कम है। हालांकि यह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का फैसला होगा, लेकिन सियासी समीकरण के हिसाब से गिरिराज सिंह बेगूसराय से दावेदार हो सकते हैं।












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