Lok Sabha Chunav: महागठबंधन में एक और पेंच, मुंगेर सीट पर ताल ठोक रहे कांग्रेस के राणा सुजीत सिंह
Munger Lok Sabha Seat: लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र बिहार में एनडीए की तरफ़ से सीटों का बंटवारा हो चुका है। एनडीए गठबंधन के सहयोगी दलों ने उम्मीदवारों की घोषणा भी शुरू कर दी है। वहीं इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसता ही जा रहा है।
इंडिया गठबंधन के सहोयगी दल (राजद, कांग्रेस और वाम दल) अपने अपने मुताबिक सीटों पर दावेदारी चाह रही है। वहीं राजद ने बिना रायशुमारी के कई सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए। इससे भी सहयोगी दलों के नेताओं में नाराज़गी देखने को मिल रही है।

महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जारी सस्पेंस के बीच एक और सीट पर पेंच फंसता हुआ नज़र आ रहा है। मुंगेर लोकसभा सीट पर राजद उम्मीदवार उतारना चाह रही है। वहीं दूसरी तरफ़ कांग्रेस के राणा सुजीत सिंह ने ताल ठोक दी है।
वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके परिवार का का सियासी इतिहास रहा है। बाढ़ क्षेत्र से वह आते हैं, दादा स्व. कामेश्वर प्रसाद सिंह 1960 के दशक से लेकर काफी लंबे समय तक अपने इलाके के लोकप्रिय जननेता के रूप में जाने जाते थे।
बाढ़ के लोगों की परेशानियों को अपनी परेशानी समझते हुए कामेश्वर प्रसाद सिंह उसका हल निकालते थे। भारत के उपप्रधानमंत्री चंद्रशेखर के करीबी लोगों में उन्हें शुमार किया जाता था। राणा सुजीत सिंह के चाचा विजय कृष्ण भी कई बार सांसद चुने जा चुके हैं।
साल 2004 के आम चुनाव में विजय कृष्णा ने बिहार के मौजूदा सीएम नीतीश कुमार तक को बाढ़ संसदीय क्षेत्र से सियासी मात दी थी। स्व. कामेश्वर प्रसाद सिंह के पोते और सिधेश्वर प्रसाद सिंह के बेटे राणा सुजीत सिंह ने अब अपनी पुस्तैनी सीट (मुंगेर) से लोकसभा चुनाव के लिए ताल ठोक दी है।
राणा सुजीत सिंह ने कहा कि दशकों से हमारे क्षेत्र की जनता को ठगा जा रहा है। सीएम नीतीश कुमार ने कभी भी बाढ़ के हित में नहीं सोचा। इस वजह से ही बाढ़ को कभी ज़िला घोषित होने नहीं दिया। बाढ़ में NTPC था, स्थानीय लोगों को रोज़गार मिल सकता था। लेकिन सीएम नीतीश कुमार ने सिर्फ़ जनता को ठगा।
अपने क्षेत्र के जनता की बदहाली को देखते हुए ही दिल्ली की आराम भरी ज़िंदगी छोड़कर गांव के गलियों की तस्वीर बंदलने का संकल्प लिया है। आपको बता दें कि राणा सुजीत सिंह कई भोजपुरी फिल्मों के निर्माता भी रह चुके हैं। । अब वह रील लाइफ से बाहर, रियल लाइफ में जनता के मुद्दों को उठाना है।
राणा सुजीत सिंह ने कहा कि संसद में जनता के मुद्दे नहीं उठाये जा रहे हैं। आम जनता कई समस्याएं हैं, लेकिन नेता लोग उनकी आवाज़ को दबा रहे हैं। इसलिए अब खुद ही जनता की आवाज़ बन संसद में गूंजने का मन बनाया है। जनता की सेवा भाव से ही चुनाव में जीत भी दर्ज करेंगे।












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