Liquor Ban In Bihar:'कागज़ों में शराबबंदी', हकीकत में CM के फैसले को मुंह चिढ़ा रही व्यवस्था !
सारण में ज़हरीली शराब पीने से हुई मौत के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगलत से ही अवैध कारोबार पांव पसार रहा है।

Liquor Ban In Bihar: प्रदेश में शराबबंदी सिर्फ़ कागज़ों पर ही नज़र आ रही है। राज्य के विभिन्न ज़िलों से आए दिन शराब की तस्करी और ज़हरीली शराब पीने से मौत की खबर देखने को मिल रही है। सारण के शराब कांड से अब तक 30 लोग मौत के गाल में समा चुके हैं। हर घंटे मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। ज़हरीली शराब पीने से 22 लोगों की इलाज के दौरान हुई। इसके अलावा मंगलवार की देर रात 5 लोगों की मौत हुई। वहीं ग्रामीणों की मानें तो 3 और लोगों की संदिग्ध मौत हुई लेकिन उनका पोस्टमार्टम ही नहीं हुआ। जहरीली शराब पीने से हुई मौत मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ने कहा कि प्रशासन की संरक्षण से ही अवैध कारोबार बढ़ रहा है।

ज़हरीली शराब पीते ही बिगड़ने लगी लोगों की तबीयत
ज़हरीली शराब कांड मामले में पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में ज़रूर लिया है लेकिन उसके बारे में स्पष्ट जानकारी देने से बच रही है। मिली जानकारी के मुताबिक देसी शराब की बड़ी खेप मशरख और इसुआपुर इलाके में पहुंचाई गई थी। 50 से लोगों ने देसी शराब का सेवन किया था। तबितयत बिगड़ने के बाद अलग-लग अस्पतालों में 20 से ज्यादा लोगों को भर्ती कराया गया था। सभी की हालत नाजुक बताई गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि सभी लोगों ने 20 रुपये वाली देसी शराब का पाउच खरीदकर पिया था। शराब पीने वाले सभी लोग आस-पास के ही रहने वाले थे।

'डोयला इलाके में बड़े पैमाने पर होता है अवैध कारोबार'
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर देसी शराब डोयला इलाके में बनती है। प्रशासन की मिलीभगत से अवैध कारोबार धड़ल्ले से किया जाता है। उन्होंने बताया कि शराब पीने के बाद लोगों को उल्टी और दस्त होने लगी। इसके बाद उनकी नज़र धुंधली पड़ गई। प्रशासन की तरफ से ज़हरीली शराब पीने से हुई मौत की पुष्टी नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री के शराबबंदी के फ़ैसले को व्यवस्था मुंह चिढ़ा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी तो कर दी लेकिन हक़ीक़त में शराब आराम से मिल रहा है।

मद्य निषेध मंत्री के बयान से लोगों में नाराज़गी
जहरीली शराब से मौत मामले में सुनील कुमार (मद्य निषेध मंत्री) के बयान से भी लोगों में नाराज़गी व्याप्त है। सुनिल कुमार ने कहा कि कानून अंग्रेजों के जमाने में भी बनते थे, उस दौर में भी कानून टूटता था। अंग्रेजों ने भी कानून बनाए, उनके बनाए कानूनों के बाद भी ब्लात्कार और हत्या हो रही है ना। शराबबंदी भी उसी तरह ही है, शराब बिकने पर पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। दूसरे राज्यों में भी शराब पीने से मौत हो रही है। सुनील कुमार के इस बयान के बाद लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि जब सरकार के मंत्री इस तरह के बयान देंगे तो अपराध को बढ़ावा मिलेगा ही।
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