Kurhani Assembly Result: जनता हमारे हिसाब से नहीं बल्कि हमें जनता के हिसाब से चलना पड़ेगा- उपेंद्र कुशवाहा
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में 2 सीटों पर भाजपा ने क़ब्ज़ा जमया है। वहीं कुढ़नी सीट हारने के बाद सियासी मंथन का दौर शुरू हो चुका है।

Kurhani Bihar By Election Result: बिहार में सियासी समीकरण बदलने के बाद तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में 2 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और जदयू प्रत्याशी के बीच दिलचस्प मुक़ाबला देखने को मिला है। कुढ़नी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता ने जीत दर्ज की है। उन्होंने महागठबंधन के उम्मीवार मनोज कुशवाहा (जदयू) को 3 हज़ार 632 वोटों से मात दी है। भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता के खाते में 76 हज़ार 648 वोट पड़े। वहीं जदयू प्रत्याशी मनोज कुशवाहा को 73 हज़ार 16 वोट मिले।

शायराना अंदाज में उपेंद्र कुशवाहा ने दी प्रतिक्रिया
कुढ़नी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जदयू के नतीजे पर पार्टी के संसदीय बोर्ड अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शायराना अंदाज़ में ट्वीट कर लिखा कि, क्या हार में, क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत मैं। कर्तव्य पथ पर जो मिला, यह भी सही वो भी सही। कुढ़नी के परिणाम से हमें बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है। पहली सीख- "जनता हमारे हिसाब से नहीं बल्कि हमें जनता के हिसाब से चलना पड़ेगा।" कुढ़नी उपचुनाव के नतीजे आने के बाद सियासी मंथन जारी है। वहीं इस सीट पर ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार को नोटा से भी कम वोट मिले, जबकि सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ थी कि गोपालगंज सीट की तरह इस सीट पर भी एआईएमआईएम के उम्मीदवार को अच्छे खासे वोट मिल सकते हैं।

केदार गुप्ता ने किया पार्टी का झंडा बुलंद
भाजपा ने काफी विचार विमर्श के बाद केदार गुप्ता पर चुनावी दांव खेला था और पार्टी को कामयाबी भी मिली। सियासी जानकारों की मानें तो केदार गुप्ता की मतदाताओं में ज़मीनी पकड़ काफी अच्छी है। वीआईपी की वजह से महागठबंधन प्रत्याशी को चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में 712 वोटों से केदार गुप्ता हार गए थे। उन्हें 77 हज़ार 837 वोट मिले थे। महागठबंधन की तरफ से राजद उम्मीदवार अनिल सहनी ने 78 हज़ार 549 वोटों से जीत दर्ज की थी। इस बार भी कांटे की टक्कर रही अगर मुकेश सहनी मैदान में अपने उम्मीदवार नहीं उतारते तो महागठंबधन प्रत्याशी जीत दर्ज कर सकती थी।

राजद का साथ मिलने के बाद भी हार गई जदयू
भाजपा और जदयू 2020 के विधानसभा चुनाव में साथ थी, लेकिन इस बार उपचुनाव में जदयू ने एनडी गठबंधन से किनारा कर लिया था। भाजपा को इससे नुकसान होने की संभावना थी। महागठबंधन के साथ मिलकर नीतीश कुमार ने चुनावी ताल ठोका, राजद का वोट भी जदयू के खाते में गया लेकिन कुढ़नी विधानसभा सीट महागठंबधन के हाथ से चली गई। 2015 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो जेदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी केदार प्रसाद गुप्ता ने जेडीयू उम्मीदवार मनोज कुशवाहा चुनावी मात दी थी।

जदयू उम्मीदवार को दी चुनावी मात
2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता ने 73 हज़ार 227 वोटों से जीत दर्ज की थी। वहीं जदयू उम्मीदवार 61 हज़ार 657 वोट मिले थे। 11 हज़ार 570 वोटों से महागठंबधन उम्मीदवार मनोज कुशवाहा की हार हुई थी। वही 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू की टिकट पर मनोज कुशवाहा ने जीत दर्ज की थी। कुढ़नी विधानसभा सीट पर पिछले 4 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में जदयू का पलड़ा भारी रहा है। इस बार भी जदयू उम्मीदवार के जीत दर्ज करने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता ने चुनावी बाज़ी मार ली।
ये भी पढ़ें: Tejashwi Yadav: 'क्रिकेट में फ्लॉप राजनीति में हिट', 7 मैचों में 37 रन, 7 सालों में 2 बार डिप्टी CM












Click it and Unblock the Notifications