Land For Job Case में राबड़ी देवी के वकील ने राउज एवेन्यू कोर्ट में माना, 'सस्ती दरों पर खरीदी गई जमीन'
Land For Job Case: जमीन के बदले नौकरी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव, राबड़ी देवी समेत कुल 103 आरोपी हैं। अब तक इनमें से 4 आरोपियों की मौत हो चुकी है। स्पेशल सीबीआई जज विशाल गोग की कोर्ट में एजेंसी और बचाव पक्ष ने अपनी दलील रखी। राबड़ी देवी के वकील ने दलील रखते हुए कहा कि जमीन के बदले नौकरी के आरोप में सत्यता नहीं है। जमीन और नौकरी के बीच सीधे कोई कनेक्शन नहीं है। जब जमीन खरीदी गई तो उसके बदले पैसे चुकाए गए थे।
राबड़ी देवी की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा कि जमीन खरीदने के बदले पैसे दिए गए हैं। ज्यादा से ज्यादा इस मामले में इतना कहा जा सकता है कि जमीन अपेक्षाकृत सस्ती दर पर खरीदी गई थी। इसे नौकरी के बदले जमीन कहना गलत है। राबड़ी देवी इस मामले में लाभार्थी नहीं हैं।

Land For Job Case में बढ़ सकती है मुश्किलें
राउज एवेन्यू कोर्ट में राबड़ी देवी के वकील ने सीबीआई की जांच प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीन का सौदा सेल डीड के माध्यम से हुए हैं। ऐसे में राबड़ी देवी को कैसे लाभार्थी माना जा सकता है? वकील ने कहा कि यह पूरा मामला इस तरह है कि मैं खरीदार हूं और मैंने इसके लिए पैसे चुकाए हैं, तो फिर इसे फायदा लेना कैसे कह सकते हैं? फायदा तो तब होता जब यह जमीन पूरी तरह से मुफ्त में ली जाती।
यह भी पढ़ें: 'जनता उनका बुखार उतार देगी', Lalu Yadav पर सम्राट चौधरी की टिप्पणी से भड़के तेज प्रताप यादव, दी खुली चुनौती
बता दें कि लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चारा घोटाले में दोषी करार दिए जा चुके लालू यादव और राबड़ी देवी अगर इस केस में भी दोषी करार दिए जाते हैं, तो विपक्षी दलों के हमले और बढ़ जाएंगे। लालू यादव का पूरा परिवार भ्रष्टाचार के मामले में बीजेपी और जेडीयू के निशाने पर है।
Rabri Devi पर क्या आरोप हैं?
जांच एजेंसी सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव ने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए पद का दुरुपयोग किया था। उन्होंने मध्य प्रदेश में जबलपुर स्थित पश्चिम मध्य रेलवे जोन में ग्रुप डी श्रेणी की भर्तियों के बदले में उम्मीदवारों से जमीन अपने परिवार और खास सहयोगियों के नाम लिखवाई थी। इस मामले में आरोप है कि लालू ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कई करीबियों के नाम पर भ्रष्टाचार किया।
यह भी पढ़ें: Lalu Yadav पार्टी में परिवार को ही क्यों बनाए रखना चाहते हैं सर्वेसर्वा, पुत्रमोह या विश्वासघात किसका डर?












Click it and Unblock the Notifications