Bihar News: ‘उद्योगों के साथ सहभागिता सम्मेलन 2026’ में बिहार को स्किल हब बनाने का विजन तैयार
बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन ने उद्योग की भागीदारी को मजबूत करने, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने और नौ डिवीजनों में पीएम सेतू योजना और मेगा स्किल सेंटर योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग साझेदारी सम्मेलन 2026 की मेजबानी की, जिसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग-तैयार कौशल से सशक्त बनाना है।
बिहार को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित ‘उद्योगों के साथ सहभागिता सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री Arun Shankar Prasad और विभाग के सचिव Kaushal Kishore ने संयुक्त रूप से किया।

सम्मेलन में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहां "निवेश, प्रशिक्षण एवं रूपांतरण" विषय पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कुशल और सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रत्येक कौशल को रोजगार से जोड़ना है, ताकि युवाओं को सम्मानजनक अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सेतु योजना को राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिससे उद्योग और युवाओं के बीच मजबूत सेतु बनेगा। इसके तहत बिहार के 75 आईटीआई संस्थानों को हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से आधुनिक और उद्योगोन्मुख बनाया जाएगा। इस योजना के लिए लगभग 3615 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है, जिसमें उद्योगों द्वारा भी निवेश किया जाएगा।
मंत्री ने मेगा स्किल सेंटर योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य के 9 प्रमंडलों में अत्याधुनिक कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां युवाओं को मांग आधारित प्रशिक्षण, विदेशी रोजगार की तैयारी और उद्यमिता विकास से जोड़ा जाएगा। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे सरकार के साझेदार बनकर कौशल विकास को जनआंदोलन का रूप दें।
सचिव कौशल किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य कौशल विकास में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाना है। उन्होंने बताया कि पीएम सेतु योजना और मेगा स्किल सेंटर के माध्यम से राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
सम्मेलन में Schneider Electric, Tata Technologies, Ericsson, Piramal Foundation, Jindal Steel & Power, Apollo Mediskills, NTTF और Bata Group सहित 30 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। आईटी, एआई, एयरोस्पेस, खाद्य प्रसंस्करण और रिटेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास को लेकर उद्योगों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई।
चर्चा के दौरान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) को मजबूत करने, विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) के गठन और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य में कौशल विकास को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में नीतिगत कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और संवाद सत्र के साथ हुआ, जिसमें उद्योग और सरकार के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।












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