पटना से भेजी गई खैनी खाकर रसोइए से लालू बोले- ऐमे बा दम, हट अब हम बनाइब खाना
खैनी खाने के बाद लालू एकदम से फुर्तीले हो गए और खुद रसोई में जाकर अपने लिए दाल और भुजिया बनाने लगे।
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पटना। चारा घोटाले मामले में जेल में कैद राजद सुप्रीमो को ना तो जेल का खाना पसंद आ रहा है और ना ही माहौल। हमेशा से खैनी खाने वाले लालू प्रसाद यादव को जेल में ना तो बढ़िया खैनी ही मिल रही थी और ना ही खाना। जिसके कारण वो काफी परेशान थे लेकिन विशेष आग्रह पर उन्हें खैनी मंगवाने की अनुमति मिली और उनकी पटना से खैनी भेजी गई, जिसे खाने के बाद वो एकदम से फुर्तीले हो गए और खुद रसोई में जाकर अपने लिए दाल और भुजिया बना लिया। इस पर लालू ने कहा कि पटना की खैनी में इतना दम है कि सुस्त लोग भी फुर्तीले हो जाते हैं।

खैनी खातिर लालू थे परेशान
झारखंड के बिरसा मुंडा जेल में कैद लालू प्रसाद यादव हमेशा से मांस-मछली के शौकीन थे लेकिन जेल में वो शुद्ध शाकाहारी हो गए हैं। जेल प्रशासन की अनुमति से उनके लिए विशेष तौर पर बाहर से हरी और ताजी सब्जियां बनवाई जा रही हैं। जेल में उनसे मिलने के लिए राजद नेताओं की लाइन लगी है लेकिन उन्हें किसी से भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। जिसके कारण राजद नेताओं में काफी आक्रोश है।

पटना की खैनी खाकर रसोइए को दिखाया दम
जेल में लालू से मिलने बहादुरपुर विधायक भोला यादव, झारखंड के चतरा विधायक जनार्दन पासवान, बिहार के एमएलसी रणाविजय सिंह, झारखंड के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह आजाद समेत कई लोग पहुंचे थे। वहीं विधायक भोला यादव के द्वारा लालू की मनपसंद सब्जी कटहल, सहजन, नेनुआ और देहाती अरहर की दाल लेकर आए थे। वो लालू से मिल तो नहीं सके, लेकिन लाया गया सामान जेल में उनके पास भेजवा दिया गया है।

खैनी खाकर लालू हो गए फुर्तीले
वहीं बातचीत करते हुए भोला यादव ने कहा कि लालू के जेल जाने से संगठन कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुआ है़। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वो गांव-गांव जाएं और लालू का संदेश दें, गांव का हर कार्यकर्ता लालू है़ और लालू अपने आप में एक संस्था हैं। तो पुलिसकर्मियों का कहना है कि जेल मैनुअल के अनुसार एक सप्ताह में तीन लोग ही लालू से मिल सकते हैं। वहीं कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।












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