लालू-राबड़ी पर विपक्ष ने फिर फोड़ा बम, अब '800 करोड़' बनी घोटाले की वजह
सुशील मोदी ने ये दावा किया है कि लालू यादव द्वारा फर्जी कंपनियों के माध्यम से 800 करोड़ रुपए के काले धन को सफेद किया गया है।
पटना। RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एंड फैमिली की मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं। हर दिन उनके खिलाफ कोई ना कोई आरोप विपक्ष द्वारा लगाया जा रहा है। जिससे राजद परिवार के साथ-साथ महागठबंधन की सरकार पर भी अंगुलियां उठने लगी है। एक बार फिर भाजपा के वरिष्ठ नेता बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। जिससे बिहार की राजनीति फिर से गरमा गई है।

सुशील मोदी ने लालू-राबड़ी पर आरोप लगाते हुए कहा कि MLA को ऑपरेटिव सोसाइटी के नाम पर राजधानी पटना के पॉश इलाके में करोड़ों रुपए की जमीन को कौड़ी के भाव में इन लोगों ने अपने नाम करवा लिया। वहीं लालू प्रसाद परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुशील मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से MLA कोऑपरेटिव सोसाइटी को भंग कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही जय प्रकाश यादव और लालू के निजी सचिव रहे भोला यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि MLA कोऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव यही दोनों थे। जिसके कारण राजद सुप्रीमो ने सोसाइटी में फर्जीवाड़ा की घटना को आसानी से अंजाम दिया।

आपको बता दें कि सुशील मोदी द्वारा जब से लालू परिवार पर घोटाले का आरोप लगाया गया है तब से बिहार की राजनीति में तूफान आ गया है। लोग फिर से लालू परिवार को घोटालेबाजों की निगाहों से देखने लगी है। विपक्ष ने एक-एक ऐसे घोटाले के आरोप लगाए हैं जिससे राजद के साथ-साथ महागठबंधन में शामिल लगभग सभी पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।

वहीं सुशील मोदी ने ये दावा किया है कि लालू यादव द्वारा फर्जी कंपनियों के माध्यम से 800 करोड़ रुपए के काले धन को सफेद किया गया है। जिस में माहिर वीरेंद्र और सुरेंद्र जैन को मोहरा बनाते हुए काले धन को ठिकाना लगाया गया। ये दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा इस चुप्पी पर सवाल उठाते हुए सुशील मोदी ने कहा कि शेयर में 1 करोड़ 20 लाख रुपए के काले धन का खेल लालू की सांसद बेटी मीसा भारती ने किया। लेकिन इस पूरे मामले में आखिरकार नीतीश कुमार चुप क्यों है?












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