लालू प्रसाद ने तेज प्रताप के आरोपों का किया खंडन, कहा- मुझे किसी ने बंधक नहीं बनाया है
पटना। राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि किसी ने उन्हें बंधक नहीं बनाया है। बल्कि वो एम्स के डॉक्टरों के कहने पर दिल्ली में रह रहे हैं। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वो जेल जाने से डरे नहीं। दबे-कुचले को न्याय दिलवाने के लिए संघर्ष करें। गलत करने वालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। बता दें कि बीते शनविार को छात्र जनशक्ति परिषद की बैठक में तेज प्रताप ने कहा था कि राजद में कुछ लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं । यहां तक कि मेरे पिताजी को दिल्ली में रखे हुए हैं। उनको जेल से रिहा हुए महीनों बीत गए लेकिन उनको पटना आने नहीं दे रहे हैं।
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इसके अलावा तेज प्रताप ने कहा था कि लालू यादव रहते थे रोज आम जनता जिन्हें वो अपना मालिक कहते हैं उनसे मिला करते थे। उनकी बातों को सुनते थे। उसका निदान निकालते थे पर कुछ लोग उन्हीं मालिक लोगों से जब मिलते हैं तो रस्सी घेरकर मिलते हैं। वहीं इस बयान के बाद खूब राजनीतिक हंगामा हुआ था, जिसके बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया में सफाई दी थी।
तेजस्वी यादव ने कहा था कि 74 वर्षीय पूर्व रेल मंत्री लालू यादव के लिए बंधक बनकर रहना उनके चरित्र को शोभा नहीं देता। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को बंधक बनाने वाले लालू जी पर ये बात फिट नहीं होती है। तेज प्रताप यादव ने बिना नाम लिए अपने भाई तेजस्वी पर ही लालू यादव को बंधक बनाने का आरोप लगाया था।
तेजस्वी यादव ने नई दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि लालू जी लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। उन्होंने दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने भाजपा के संरक्षक लाल कृष्ण आडवाणी की गिरफ्तारी का भी आदेश दिया था। इसलिए, इस तरह के आरोप राजद प्रमुख के व्यक्तित्व के साथ फिट नहीं होते हैं। उनका चरित्र ही ऐसा नहीं है कि उन्हें कोई कहीं रहने और बंधक बनकर रहने पर मजबूर कर दे।












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