Bihar Politics: लालू को जिसने जेल भिजवाया, CBI को सबूत सौंपे, वही RJD के एजेंट क्यों बन गए?- सुशील मोदी
Bihar Politics: बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदलते हुए नज़र आ रहे हैं। वहीं भाजपा नेता लगातार जदयू पर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में बिहार पूर्व उपमुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने ललन सिंह को आड़े हाथों लिया।
सुशील मोदी ने कहा कि ललन सिंह को केंद्र में मंत्री नहीं बनाया गया, इसलिए गुस्से में बदला लेने की नीयत से ललन सिंह ने लालू यादव से नजदीकियां बढाईं। भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन ख़त्म करवाया, आरसीपी सिंह को पार्टी से किनारे करवाया और जदयू को लगभग बर्बाद कर दिया। यह सारा खेल कुर्सी का था।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री नहीं बन पाने वजह से ललन सिंह हताशा उबर नहीं पाए। उनकी सियासत बदला से भरी रही। जिस चारा घोटाला मामलों में सज़ा की वजह से लालू यादव चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिये गए, उस मामले में ललन सिंह भी याचिकाकर्ता थे।
ललन सिंह ने ही तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह के लालू परिवार के खिलाफ़ा नौकरी के बदले ज़मीन मामले के दस्तावेज़ और सबूत पहुंचाये थे। उसी के आधार पर CBI कार्रवाई कर रही है। सुशील मोदी ने कहा सीएम नीतीश कुमार की जानकारी में ललन सिंह सारे तिड़कम लालू यादव को भिजवाने के लिए कर रहे थे।
जुलाई-अगस्त 2022 से ललन सिंह ही लालू प्रसाद के इतने करीब क्यों होते चले गए? नीतीश कुमार को भ्रमित कर ललन सिंह ने ही एनडीए तोड़ा। भाजपा के खिलाफ ज़हर फैलाया, जदयू के कई दिग्गज नेताओं को साइड करवा दिया। ललन सिंह की सियासत से पार्टी के आम कार्यकर्ता खुश होते तो उनके हटने पर दीवाली नहीं मनाते।
2019 और 2020 के चुनाव भाजपा, जदयू को साथ लेकर चुनावी मैदान में थी। इसलिए जदयू के ज्यादा विधायक सांसद भाजपा से गठबंधन के पक्ष मे थे, राजद से गठबंधन के पक्ष में नहीं थे, लेकिन ललन सिंह उन्होंने खामोशी एख्तियार कर ली थी।
ललन सिंह का भीतरघात एक्सपोज होने की वजह से जदयू को चुनाव से पहले ही संगठन मज़बूत करने और लालू-वायरस से आज़ादी पाने का वक्त मिल जाएगा। ललन सिंह हटे नहीं हैं, हटाये गए हैं, लेकिन सच्चाई को छिपाने के लिए वह संसदीय क्षेत्र में ज्यादा वक्त देने के लिए अध्यक्ष-पद छोड़ने की बात बोल रहे हैं, इस भरोसा कौन करेगा।












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