Kudhni By Election: खिलेगा कमल या निशाने पर लगेगा तीर, क्या सहनी लगा पाएंगे नैया पार ?
Kudhni By Election: कुढ़नी विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में तीन प्रत्याशियों का नाम ज्यादा सुर्खियों में है। महागठबंधन उम्मीदवार मनोज कुशवाहा, भाजपा उम्मीदवार केदार गुप्ता और वीआईपी उम्मीदवार निलाभ कुमार के बीच दिलचस्प...
Kudhni By Election: बिहार में कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। महागठबंधन और एनडीए प्रत्याशी की मुश्किलें मुकेशी सहनी की पार्टी वीआईपी बढ़ा सकती है। महागठबंधन की तरफ़ से जदयू की टिकट पर मनोज कुशवाहा चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। तो वहीं भाजपा की टिकट पर केदार गुप्ता चुनावी दांव आज़मा रहे हैं। वहीं विकासशील इंसान पार्टी की तरफ़ से निलाभ कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। सियासी समीकरणों को देखते हुए कौन प्रत्याशी किस पर भारी पड़ा यह तो चुनाव के नतीजे से ज़ाहिर हो जाएगा। फिलहाल हम आपको सियासी गलियारों की चर्चा के मद्देनज़र प्रत्याशियों की ज़मीनी पकड़ की जानकारी देने जा रहे हैं।

3 प्रत्याशियों में हो सकता है दिलचस्प मुकाबला
कुढ़नी विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में तीन प्रत्याशियों का नाम ज्यादा सुर्खियों में है। महागठबंधन उम्मीदवार मनोज कुशवाहा, भाजपा उम्मीदवार केदार गुप्ता और वीआईपी उम्मीदवार निलाभ कुमार के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा ने केदार गुप्ता को काफी विचार विमर्श करने के बाद चुनावी मैदान में उतारा है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह केदार गुप्ता की मतदाताओं में पकड़ बताई जा रही है। आंकड़ों की बात की जाए तो 2020 के विधानसभा चुनाव में 712 वोटों से केदार गुप्ता हार गए थे। 77 हज़ार 837 वोटों से दूसरे नंबर पर थे।

मनोज कुशवाहा का रहा है वर्चस्व
महागठबंधन की तरफ से राजद उम्मीदवार अनिल सहनी ने 78 हज़ार 549 वोटों से जीत दर्ज की थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जदयू का साथ मिला था, लेकिन इस बार जदयू और राजद महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ रही है। ऐसे में राजद के वोट जदयू को जाने की पूरी संभावनाएं हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो जेदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी केदार प्रसाद गुप्ता ने जेडीयू उम्मीदवार मनोज कुशवाहा चुनावी मात दी थी। केदार प्रसाद गुप्ता (भाजपा) ने 73 हज़ार 227 वोटों से जीत दर्ज की थी और मनोज कुशवाहा (जदयू) को 61 हज़ार 657 वोट मिले थे। 11 हज़ार 570 वोटों से महागठंबधन उम्मीदवार मनोज कुशवाहा की हार हुई थी। वही 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू की टिकट पर मनोज कुशवाहा ने जीत दर्ज की थी।

VIP उम्मीदवार नीलाभ बढ़ा सकते हैं JDU-BJP की मुश्किलें
कुढ़नी विधानसभा सीट पर पिछले 4 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में जदयू का पलड़ा भारी रहा है। वहीं इस बार सियासी समीकरण बदलने की वजह से भाजपा और जदयू की मुश्किले वीआईपी उम्मीदवार नीलाभ कुमार की वजह से बढ़ती हुई नज़र आ रही है। क्योंकि एनडीए गठबंधन और महागठबंधन के उम्मीदवार इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। मतदाताओं के लिए नए विकल्प के तौर नीलाभ कुमार (वीआईपी) की चर्चा ज्यादा तेज़ है। नीलाभ कुमार की सियासी पकड़ की बत करें तो वह पूर्व विधायक साधु शरण शाही के पोते हैं। 1990 के चुनाव में भूमिहार सुमदाय से जीत दर्ज करने वाले आखिरी विधायक थे। उनके नाम पर नीलाभ कुमार को सियासी फ़ायदा पहुंच सकता है। इसके अलावा नीलाभ कुमार अपने क्षेत्र में समाजसेवी के तौर पर अलग पहचान रखते हैं। वहीं ज़मीनी स्तर पर आंदोलनों में भी उनकी सक्रियता काफी रही है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि निलाभ कुमार की वजह से भाजपा और जदयू की परेशानी बढ़ सकती है।
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