वेब सीरीज 'Khakee' के रियल लाइफ हीरो IPS अमित लोढ़ा पर भ्रष्टाचार का केस, पत्नी के खाते से 49 लाख का लेन-देन
बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने IPS अमित लोढ़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही उनकी पत्नी के खाते से कथित तौर पर 49 लाख रूपये के लेने देन का भी आरोप है।
Khakee: The Bihar Chapter से सुर्खियों में आए IPS अमित लोढ़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके ख़िलाफ बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट मुक़दमा दर्ज कराया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर 'खाकी: द बिहार चैप्टर' को फ्राइडे स्टोरी टेलर ने पेश किया है। सरकारी सेवक रहते हुए अमित लोढ़ा की व्यावसायिक संलिप्तता की वजह से उनपर मामले दर्ज हुए हैं। इतना ही नहीं उनपर करप्शन के भी चार्ज लगे हैं। आपको बता दें कि बिहार के आईजी रहे अमित लोढ़ा की मुश्किले उनकी किताब 'बिहार डायरी' बेस्ड वेब सीरीज की वजह से ज्यादा बढ़ गई हैं।
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IPS अमित लोढ़ा पर भ्रष्टाचार का केस
आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा के मामले में विशेष निगरानी द्वारा दर्ज प्राथमिकि में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता (निजी स्वार्थ और लाभ के लिए) और नेटफ्लिक्स-फ्राइडे स्टोरी टेलर के साथ व्यवसायिक संलिप्तता के आरोप लगे हैं। पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन आरोपों की जांच और प्रतिवेदन की समीक्षा की। जांच के दौरान मिले फैक्ट और सबूतो के आधार पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा U/S13 (1) (b) r/w13 (2) r/w 12, 1988 और 120b और 168 आईपीसी धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है।

अमित लोढ़ा के खिलाफ विभागीय जांच
अमित लोढ़ा के खिलाफ विभागीय जांच में उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। उन्होंने किताब लिखने और वेब सीरीज़ के लिए पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार से इजाजत नहीं ली थी। इसी चलते लोकसेवा अधिनियम के उल्लंघन का आरोप भी उन पर लगा है। इसके अलावा कथित तौर पर कौमुदी लोढ़ा (अमित लोढ़ा की पत्नी) के ऊपर वेब सीरीज के प्रोडक्शन से करीब 49 लाख रुपये के लेनदेन का भी आरोप है। आपको बता दें कि अमित लोढा ने 2017 में 'बिहार डायरीज' किताब लिखी थी। जो कि काफी चर्चा में थी। अमित लोढ़ा की लिखी किताब पर हाल ही में ‘खाकी: द बिहार चैप्टर' वेब सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीजड हुई है। यह सीरीज़ काफी ट्रेंड कर रही है।

25 साल की उम्र में पास की UPSC परीक्षा
अमित लोढ़ा साल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी है, 25 साल की उम्र में उन्होंने पहली कोशिश में ही यूपीएससी क्लियर कर लिया था। यूपीएसीसी परीक्षा पास करने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला था। बिहार में सेवा देते हुए उन्होंने कई कुख्यात अपराधियों पर नकेल कसा। बिहार पुलिस में रहते हुए अमित लोढ़ा ने एक कुख्यात अपरधी को काबु किया था जिसने 50 से भी ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। चार जिले में राज करने वाला कुख्यात एक साथ 10 लोगों को मार देता था। राजनीतिक पहुंच होने की वजह से उसके गुर्गे खुलेआम एके-47 लेकर उसके साथ घूमते थे। 2003 में पांच पुलिस वाले की हत्या कर वह नवाजा जेल से फरारा हो गया था। उसके बाद उसने एक सांसद, एक विधायक और एक बीडीओ की हत्या कर दी थी। इससे उसका दबदबा बढ़ गया था।

अमित लोढ़ा की जीवनी पर बनी वेब सीरीज़ ‘खाकी’
इस मामले के बाद ही कुख्यात अपराधी का इलाका शेखपुरा में बिहार सरकार ने अमित लोढ़ा की पोस्टिंग की थी। चूंकि उस कुख्यात को राजनेताओं से संरक्षण मिला हुआ था, इसलिए अमित लोढ़ा को उसे पकड़ने में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। उस कुख्यात के कई महिलाओं के साथ भी संबंध थे। अमित लोढ़ा ने उन्हीं महिलाओं की मदद से कुख्यात को पकड़ने की योजना बनाई और उस पर नकेल कसा। इन सारे मामले का अमित लोढ़ा ने अपनी किताब 'बिहार डायरी' में ज़िक्र किया है। इसी की तर्ज पर वेब सीरीज भी बनी है।
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