NDA लागू करेगी कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि, बिहार के किन किसानों को मिलेंगे 9 हजार रुपये?
Karpoori Thakur Kisan Samman Nidhi Scheme: बिहार विधानसभा चुनावों का माहौल अब पूरी तरह गरमा गया है। सियासी दल लगातार जनता को लुभाने वाले वादों की झड़ी लगा रहे हैं। जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर पुराने वादे न निभाने का आरोप लगा रहा है, वहीं एनडीए ने आज शुक्रवार को अपना संकल्प पत्र जारी कर किसानों को लेकर बड़ा दांव खेला है।
गठबंधन ने घोषणा की है कि अगर बिहार में उसकी सरकार बनती है, तो राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ-साथ एक नई 'कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि' योजना का लाभ मिलेगा। इसके तहत किसानों को अब 6 हजार नहीं, बल्कि सालाना 9 हजार रुपये दिए जाएंगे।

कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना का वादा
एनडीए ने अपने संकल्प पत्र में कहा है कि 'कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि' नाम से नई योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों को हर किस्त के साथ 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। यानी तीन किस्तों में किसानों को कुल 9000 रुपये सालाना मिलेंगे।
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कौन पाएगा 9000 रुपये का फायदा?
अगर बिहार में एनडीए की सरकार बनती है और यह योजना लागू होती है, तो इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पहले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हैं। ऐसे किसानों को किसी नए आवेदन की जरूरत नहीं होगी। वहीं जिन किसानों को अभी तक पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें पहले इस योजना में रजिस्टर कराना होगा, तभी वे अतिरिक्त राशि के पात्र बनेंगे।
बिहार में कितने किसान जुड़े हैं PM किसान योजना से
बिहार में इस समय लगभग 74 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं। अगस्त महीने में राज्य के 73,86,533 किसानों को योजना की 20वीं किस्त का पैसा उनके खातों में ट्रांसफर किया गया था।
अन्य राज्यों में भी मिल रही है अतिरिक्त मदद
किसानों को राहत देने के लिए कई राज्य सरकारें भी अपनी योजनाएं चला रही हैं। मध्य प्रदेश में 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के तहत किसानों को पीएम किसान के साथ 6000 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं। महाराष्ट्र में 'नमो शेतकरी योजना' और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी इसी तरह की योजनाएं लागू हैं।
एनडीए के इस नए वादे से बिहार के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। अगर गठबंधन सत्ता में आता है और योजना लागू होती है, तो यह राज्य के लाखों किसानों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो सकती है।












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