OI Exclusive: Kanhaiya Bhelari को किसने दी जान से मारने की धमकी? वरिष्ठ पत्रकार ने खुद बताई सारी हकीकत
Kanhaiya Bhelari: बिहार के बेबाक और वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी को जान से मारने की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपनी धारदार रिपोर्टिंग और बेखौफ अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले भेलारी ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की जानकारी सार्वजनिक की है। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन्हें फोन कर उनके काम को रोकने और जान से मारने की चेतावनी दी गई है।
कन्हैया भेलारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी भरे कॉल वाले नंबर का स्क्रीनशॉट अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया है। इस पोस्ट के माध्यम से उन्होंने बिहार के DGP (पुलिस महानिदेशक) को भी टैग कर मामले की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पत्रकार को मिली इस धमकी के बाद मीडिया जगत और सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है।

'फेसबुक पर लिखना बंद करो, वरना मार देंगे'
कन्हैया भेलारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में एक मोबाइल नंबर 9199047553 का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि इसी नंबर से कॉल करके एक आदमी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए लिखा, "पता नहीं इसको मुझसे क्या परेशानी है।"
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "इस नंबर से कॉल करके एक आदमी मुझे जान से मारने की धमकी दे रहा है.
पता नहीं इसको मुझसे क्या परेशानी है"
जब Oneindia Hindi ने इस बारे में कन्हैया भेलारी से विस्तृत बातचीत की, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस संदिग्ध नंबर को ट्रू कॉलर (Truecaller) पर चेक किया, तो वहां उस व्यक्ति का नाम रोहित यादव दिखाई दे रहा था। फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें सीधे तौर पर चेतावनी दी कि जो वे फेसबुक पर लिखते रहते हैं, उसे बंद कर दें, वरना अंजाम बुरा होगा और जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पुलिस शिकायत और कॉल रिकॉर्डिंग
पत्रकार कन्हैया भेलारी से जब यह पूछा गया कि क्या उन्होंने इस धमकी के खिलाफ थाने में कोई औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है, तो उनका जवाब थोड़ा अलग था। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने पुलिस के पास कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। भेलारी ने तर्क दिया कि उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डालकर सीधे DGP पटना को टैग कर दिया है, जो उनकी नजर में सूचना देने का एक प्रभावी तरीका है।
उन्होंने आगे कहा कि "ये बदमाश सब ऐसे ही कॉल करते रहते हैं।" हालांकि, इस मामले में एक तकनीकी कमी यह भी है कि पत्रकार के पास उस धमकी भरे कॉल का कोई सबूत यानी कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने फोन पर कॉल रिकॉर्ड नहीं करते हैं, इसलिए उस समय हुई बातचीत को वे रिकॉर्ड नहीं कर पाए। फिलहाल, सोशल मीडिया पर पत्रकार को मिल रही इस धमकी के बाद लोग उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।












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