Kamla Prasad Prime Minister: बिहार की बेटी ने विश्व पटल पर फिर लहराया परचम, बक्सर के छोटे से गांव से है रिश्ता
Kamla Parasad, Prime Minister: बिहार के भेलूपुर गांव में जश्न का माहौल है क्योंकि बक्सर जिले के इस छोटे से गांव की मूल निवासी कमला प्रसाद-बिसेसर एक बार फिर त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। कमला इससे पहले 2010 से 2015 तक इस पद पर रह चुकी हैं। उनकी पार्टी यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस (यूएनसी) ने हाल ही में हुए चुनावों में बहुमत हासिल किया है।
बिहार में जश्न: इस खबर ने न केवल भेलूपुर बल्कि भारत को भी खुश कर दिया है, क्योंकि कमला ने वैश्विक मंच पर अपनी जड़ों को उजागर किया है। त्रिनिदाद और टोबैगो में कमला की जीत ने पूरे बिहार में जश्न का माहौल बना दिया है, खास तौर पर उनके पैतृक गांव भेलूपुर में भी उत्सव मनाया जा रहा है।

2010 से 2015 तक प्रधानमंत्री के रूप में काम करने के बाद, अब वह एक बार फिर इस पद पर आसीन होने के लिए तैयार हैं। त्रिनिदाद में प्रवास करने से पहले उनके पूर्वज भेलूपुर से थे। उनके परदादा राम लखन 1889 में कोलकाता छोड़कर त्रिनिदाद चले गए थे। ब्रिटिश शासन के दौरान, विदेश यात्रा करने वाले मजदूरों के रिकॉर्ड में भेलूपुर का नाम शामिल था, जिससे कमला को अपनी जड़ों का पता लगाने में मदद मिली।
कमला का भेलूपुर दौरा: 2010 में प्रधानमंत्री बनने के बाद कमला ने अपनी विरासत को तलाशने का फैसला किया। 2012 में, वह अपने पैतृक गांव भेलूपुर गईं और दूर के रिश्तेदारों से मिलीं। इस यात्रा के दौरान गांव वालों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की और अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी।
कमला ने गांव के स्कूल और सामुदायिक केंद्र के लिए वित्तीय सहायता देने, वहां शिक्षा और आवश्यक सेवाओं में सुधार करने का भी वादा किया। उस समय, उन्होंने कहा था कि यह यात्रा उनकी जड़ों से भावनात्मक जुड़ाव थी और भेलूपुर हमेशा उनके दिल में एक खास जगह रखेगा।
भारत के लिए गौरव का क्षण: कमला की जीत से बिहार का गौरव बढ़ा है। उनके एक रिश्तेदार जगदीश मिश्रा ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनके भाई ओम प्रकाश मिश्रा और भरत मिश्रा ने बताया कि कमला के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की खबर से पूरे गांव में खुशी की लहर है।
कमला के भतीजे सोनू, मोनू, रोशन, राज, अजीत, गोलू, राहुल और दयानंद अपनी बुआ की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि पद संभालने के बाद वह फिर से उनसे मिलने आएंगी। प्रधानमंत्री के रूप में कमला प्रसाद-बिसेसर की वापसी से न केवल भारत और त्रिनिदाद के बीच संबंध मजबूत होंगे, बल्कि विभिन्न महाद्वीपों के लोगों और उनकी पैतृक जड़ों के बीच स्थायी संबंध भी उजागर होंगे।












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