Jehanabad: बेकार बोतल से छतरी तो ख़राब टायर से बना सेंटर टेबल, लोगों ने कहा ‘कचरे से कला’ का शानदार प्रदर्शन
Jehanabad 'Art From Waste': स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े थीम के तहत 'स्वभाव स्वच्छता संस्कार - स्वच्छता' कार्यक्रम का जहानाबाद जिले के समाहरणालय परिसर में आयोजन किया गया। इस दौरान पार्क में कचरे से कला का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
'कचरे से कला' का समाहरणालय पार्क बहुत ही शानदार उदाहरण देखने को मिला, जहां बेकार पानी के बोतलों को खूबसूरत रंगो से सजा कर छतरी की शक्ल दी गई है। वहीं छतरी में चाय का कप, कॉफी मग और नाश्ते का प्लेट आदि रखने के लिए खराब टायर से सेंटर टेबल बना सेंटर टेबल लगाया गया है।

इसके अलावा पार्क को औऱ ज़्यादा खूबसूरत बनाने के लिए खराब मोटर साइकिल और स्कूटी के टायर अलग-अलग रंगों में रंग कर एक साथ तीन लोगो के बैठना का भी इंतज़ाम किया गया है। लोग इस थीम को काफी पसंद कर रहे हैं। वहीं विकास भवन परिसर में, सूचना जन संपर्क कार्यालय के सामने वाले पेड़ों को कचरे के बोतल से ढक गैबियन बनाया गया है।
सभी गैबियन की अलग-अलग रंगों (पीला, लाल, और नीला) से रंगा गा है। जहानाबाद ज़िले के लिए यह अपने आप में कचरे से कला का अनोखा प्रयोग किया गया है। जो कि सभी जिले के लिए मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।
धनंजय कुमार (उप विकास आयुक्त) ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ,ग्रामीण और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्वच्छता ही सेवा अभियान पखवाड़ा कार्यक्रम चल रहा। इसी के मद्देनज़र कचरे से कला का कांसेप्ट तैयार किया गया और एक खबूसूरत टी प्वॉइंट बनाया गया है। कार्यालय कर्मी के अलावा दूसरे लोग भी यहां बैठकर चाय का लुफ़्त उठा सकते हैं।
इसके ज़रिए से यह बताने की कोशिश की गई है कि कचरा बेकार नही संसाधन है, धन कमाने का ज़रिया है। आम तौर पर यह देखने को मिलता है कि पानी और कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद लोग बोतल को फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और बीमारी फैलने का ख़तरा बना रहता है। इसलिए कचरा से कला के ज़रिए कचरा प्रबंधन का संदेश दिया गया है।












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