Jehanabad Lok Sabha: पहली बार कांग्रेस ने दर्ज की थी जीत, 2019 में JDU ने लहराया था परचम, जानिए इतिहास
Jehanabad Lok Sabha Seat: बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पार्टियों ने चुनावी प्रचार शुरू कर दिया है। वहीं क्षेत्रीय से लेकर राजनीतिक पार्टियों के नेता बूथ लेवल तक पार्टी की ज़मीन तलाशन में जुटे हुए हैं। पक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। सियासी बयानबाज़ी के बीच बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर राजनीतिक पार्टियों ने रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है।
चुनावी चर्चा के क्रम में आज हम आपको जहानाबाद लोकसभा सीट का सियासी इतिहास बताने जा रहे हैं। आपको बता दें कि बिहार के एतिहासिक ज़िलों में से एक ज़िला जहानाबाद भी है। आज की तारीख में भी यहां मौर्यकालीन गुफाएं मौजूद हैं। मुगलकालीन इतिहास इस इलाके का भी ज़िक्र होता है।

बुज़ुर्गों की मानें तो मुगल शासन के दौरान भीषण अकाल पड़ने से कई लोग भूख की वजह से मर गए। मुग़ल शासक औरंगज़ेब ने इस हालात से निजात के लिए 'जहांआरा मंडी' स्थापित की थी। इस वजह से इस क्षेत्र का नाम 'जहांआराबाद' रखा गया था, जो कि बाद में जहानाबाद हो गया।
कृषि क्षेत्र होने के साथ यहां कई मशहूर धार्मिक स्थल भी हैं। इस क्षेत्र के सियासी इतिहास की बात करें तो कभी इस इलाके में कम्युनिस्ट मज़बूत हुए तो कभी समाजवादी का सिर ऊंचा रहा। आज की तारीख में भी यहां जातिवाद हावी है।
जातीय समीकरणों की वजह से जहानाबाद लोकसभा सीट पर कोई भी राजनीतिक दल पूरी तरह से जीत का दावा नहीं करता है। पहली बार इस सीट पर 1962 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सत्यभामा देवी ने पार्टी का परचम लहराया था।
जहानाबद सीट पर दूसरी बार 1967 में हुए लोकसभा चुनाव में CPI के चंद्रशेखर चंद्रशेखर सिंह ने पार्टी के खाते जीत कर सीट डाली। 1996 तक कम्युनिस्टों का बोलबाला रहा, लेकिन 1998 के से यहां समाजवादी अपना झंडा बुलंद कर रहे हैं।
आज की तारीख़ में समाजवादी परिवार से ही निकली जदयू के प्रत्याशी चंदेश्वर प्रसाद पार्टी का परचम बुंलद कर रहे गहैं। 2019 के लोकसभा चुनाव जदयू ने भाजपा के साथ मिलकर चुनावी बिगुल फूंका था। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में NDA के सहयोगी दल रालोसपा की टिकट पर अरुण कुमार ने जीत दर्ज की थी।
जहानाबाद लोकसभा सीट पर जातीय समीकरण के बात की जाए तो भूमिहार और यादव मतदाताओं की तूती बोलती है। यही वजह है कि यहां से यादव या फिर भूमिहार समुदाय के प्रत्याशी सांसद चुने जाते रहे हैं। विनिंग फ़ैक्टर के तौर पर कुशवाहा, कुर्मी और मुस्लिम समुदाय के मतदाता जाने जाते हैं। ग़ौरतलब है कि इस सीट पर 1996 के बाद से 2019 तक एक ही व्यक्ति दूसरी बार सांसद नहीं बन पाया है।
जहानाबाद के सांसदों की सूची
1957-60 सत्यभामा देवी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962-67 सत्यभामा देवी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967-71 चंद्र शेखर सिन्हा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1971-77 चंद्र शेखर सिन्हा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1977-80 हरी लाल प्रसाद सिन्हा, भारतीय लोक दल
1980-84 महेंद्र प्रसाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1984-89 रामाश्रय प्रसाद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1989-90 रामाश्रय प्रसाद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1991-96 रामाश्रय प्रसाद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1996-98 सुरेंद्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय जनता दल
1998-99 सुरेंद्र प्रसाद यादव,राष्ट्रीय जनता दल
1999-04 डॉ. अरुण कुमार,जनता दल (यू.)
2004-09 गणेश प्रसाद यादव, राष्ट्रीय जनता दल
2009-14 डॉ. जगदीश शर्मा, जनता दल (यू.)
2014-19 डॉ. अरुण कुमार, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
2019-पदस्थ चन्देश्वर प्रसाद, जनता दल (यू.)











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