Motivatitonal Story: बेटे की कमर में रिवॉल्वर और कंधे पर होंगे चमचाते सितारे, गर्व से चौड़ा हुआ पिता का सीना
नोआवा गांव के ऑटो चालक सच्चिदानंद के बेटे विवेक ने अपनी राहों में आई मुश्किलों से जूझते हुए कामयाबी पाकर परिवार समेत गांव वालों का भी सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
जहानाबाद, 18 जुलाई 2022। बचपन से यह बात आप सभी ने सुनी होगी कि मेहनत करने वाले कामयाबी की बुलंदियों को छूते हैं। हर एक इंसान चाहता है कि वह कामयाब बने चाहे उसकी राहों में कितनी भी मुश्किलें क्यों नहीं आए। लेकिन सभी इंसान कामयाब नहीं होते हो पाते वही लोग कामयाबी की सीढीयों पर चढ़ते हैं जो जी तोड़ पढ़ने में दिन रात एक कर देते हैं। अकसर लोग कहते हैं कि अच्छी पढ़ाई के लिए आर्थिक तौर पर मज़बूत होना ज़रूरी होता है, हक़ीक़त में सिर्फ़ मेहन और लगन से ही कामयाबी मिलती है। जहानाबाद के रहने वाले ऑटो ड्राइवर सच्चिदानंद के बेटे विवेक ने दारोग परीक्षा में कामयाबी हासिल कर यह साबित कर दिया है कि मेहनत के आगे आर्थिक तंगी कहीं से भी आड़े नहीं आती।

कड़ी मेहनत और लगन से कामयाब हुआ विवेक
नोआवा गांव के ऑटो चालक सच्चिदानंद के बेटे विवेक ने अपनी राहों में आई मुश्किलों से जूझते हुए कामयाबी पाकर परिवार समेत गांव वालों का भी सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। विवेक ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे कोई भी चीज़ बाधा नहीं बन सकती है। बिहार पुलिस में दारोगा की परीक्षा में कामयाबी पाने पर विवेक के घर में जश्न का माहौल है और घर भी अभी तक बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसके साथ ही गांव के युवा विवेक को अपना आईडियल भी मानने लगे हैं।

'बच्चों के अच्छी परवरिश के लिए पिता जी ने दी कई कुर्बानियां'
विवेक के पिता तीन दशक से ऑटों रिक्शा चलाकर पूरे परिवार का ख़र्च चला रहे हैं। विवेक ने बताया कि हम लोगों की अच्छी पवरिश के पिता जी दिन रात मेहनत करते थे। अपने बच्चों के लिए उन्होंने कई कुर्बानियां दी है। शुंरु से ही उनकी ख्वाहिश थी कि मैं कुछ ऐसा करूं जिससे उनका सीना फ़ख्र से चौड़ा हो और लोग इज़्ज़त की निगाह से उन्हें देखें। पिता जी के सपने को साकार करने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की और आज कामयाबी की राहों पर क़दम रखा हूं। विवेक का कहना है कि वर्दी में जो इज़्ज़त मिलती है वह किसी और मौकरी में नहीं है।

बेटे ने परिवार और समाज के लोगों गौरवांवित किया- सच्चिदानंद
विवेक पिता सच्चिदानंद ने बताया कि उनके बेटे विवेक ने दूसरी नौकरियों में कामयाबी हासिल की है लेकिन अभी ज्वॉनिंग नहीं हुई है। बिहार पुलिस का रिज़ल्ट देखने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि बेटे ने की कड़ी मेहनत का नतीजा है कि उसे कामयाबी मिली है। मुझे बहुत खुशी है कि बेटे ने मुझे और परिवार वालों समेत समाज के लोगों को गौरवांवित किया है।
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