IAS Success Story: किसान पिता का बेटा बना अधिकारी, पढ़िए अविनाश की संघर्ष भरी कहानी
IAS Success Story: बिहार के ज़्यादातर युवाओं IAS-IPS बनने का सपना संजोते हैं, कुछ करने का जज़्बा और जुनून के साथ लक्ष्य पाने की ओर क़दम बढ़ाते हुए कामयाब होते हैं। कुछ इसी तरह कि कहानी 2023 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार की है।
अररिया ज़िला के रहने वाल अविनाश कुमार के पिता अजय कुमार सिंह पेशे से शिक्षक थे, रिटायर होने के बाद उन्होंने गांव में खेती शुरू कर दी, वहीं उनकी मां प्रतिमा देवी गृहिणि हैं। बधुआ गांव (फारबिसगंज प्रखंड) निवासी अविनाश की सरस्वती विद्या मंदिर, फारसिबगंज में 10वीं तक की पढ़ाई हुई।

मैट्रिक के एग्ज़ाम के बाद अविनाश ने बोकारो से इंटर किया, फिर उन्होंने कोलकाता का रुख किया। वहां के जादवपुर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री ली। इसके बाद पश्चिम बंगाल में ही 11 महीने तक एक पावर प्रोजेक्ट पर काम किया।
नौकरी करने के दौरान उन्हें UPSC एग्ज़ाम देने का सूझा, फिर क्या था, जुनून को हथियार बनाते हुए अविनाश नौकरी छोड़कर तैयारी के लिए दिल्ली जाने की फ़ैसला लिया। उनके लिए नौकरी छोड़कर दिल्ली जाने का फ़ैसला आसान नहीं रहा, लेकिन वह दिल को मनाकर दिल्ली पहुंचे।
अविनाश यूपीएससी के पहले दो अटेम्प्ट में प्रीलिम्स एग्जाम भी पास नहीं कर पाये थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ख़ुद को यूपीएससी के लिए समर्पित कर दिया, रोज़ाना कई कई घंटे पढ़ाई करते रहे और आखिरकार तीसरी बार कामयाबी ने क़दम चूम ही लिया। उनकी ऑल इंडिया 17वीं रैंक रही।
महज़ 25 साल की उम्र में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) क्लियर करने वाले अविनाश ने अपनी कामयाबी का मंत्र देते हुए बताया कि शुरुआत में कोचिंग का सहारा लिया और बाद में सेल्फ़ स्टडी को हथियार मेहनत जारी रखी। अविनाश ने कहा कि UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को लगन और सिलसिलेवार ढंग से पढ़ाई करनी चाहिए। सेल्फ स्टडी के बिना यूपीएससी क्लियर करना मुश्किल है।












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