शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव IAS KK Pathak की बढ़ सकती है मुश्किलें, इस पुराने मामले में फंसा पेंच
IAS KK Pathak Old Case News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर आए दिन सवाल उठते रहे हैं, लेकिन जबसे IAS अधिकारी केके पाठक को शिक्षा विभाग के अपर सचिव की ज़िम्मेदारी मिली वह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।
प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में स्कूलों का औचक नीरिक्षण कर हालातों का जायजा लेना। अपने काम करने के तरीक़े की वजह से वह सुर्खियों में छाये हुए हैं। वहीं अब पुराने मामले IAS केके पाठक की मुश्किलें बढ़ती हुईं नज़र आ रही हैं। मुज़फ़्फ़रपुर जिला कोर्ट में उनके खिलाफ हत्या से जुड़े मामले में न्यायिक जांच शुरू कर की गई है।

केके पाठक पर हत्या मामले में संगीन आरोप लगे हैं, इसी के मद्देनज़र परिवादी का शनिवार को कोर्ट में बयान दर्ज किया गया। करीब डेढ़ साल पुराने मामले में केके पाठक मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। आपको बता दें कि जब केके पाठक (23 जनवरी 2022) को प्रदेश में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मुख्य सचिव थे।
इस दौरान वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने बजरंग प्रसाद सिंह (स्पेशल पीपी, मुजफ्फरपुर उत्पाद न्यायालय) को बहुत ही बुरा-भला कहा था। बैठक से लौटने के बाद रात में बजरंग प्रसाद सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
बजरंग प्रसाद की मौत की वजह केके पाठक द्वारा भला बुरा कहने से हार्ट अटैक आने से मौत हुई है। ऐसा कहते हुए मुजफ्फरपुर के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने सीजीएम केस में अर्ज़ी दी थी। केके पाठक द्वारा प्रताड़ित करने से हुई कथित मौत मामले में केके पाठक और अन्य के खिलाफ़ मर्डर का मुक़दमा दर्ज हुआ था।
कोर्ट ने इस मामाले में संज्ञान लेते हुए परिवादी सुधीर कुमार ओझा का बयान लिया। वही 8 नवंबर को दूसरे गवाहों का बयान लिया जाएगा। वहीं लोगों का कहना है कि केके पाठक को जानबूझकर शिक्षा माफिया फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि वह लगातार सरकार के मंत्रियों परे जाकर शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की क़वायद तेज़ कर रहे हैं।












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