Bihar Politics: 'इंडिया गठबंधन' के सहयोगी दलों के बीच कैसे होगा सीटों का बंटवारा, जानिए एक्सपर्ट कमेंट
Bihar Politics: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर देश भर में सियासी बाज़ार सज चुका है। राजनीतिक पार्टियों ने लोकसभा सीट पर जीत की रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है। वहीं बिहार में भी 'इंडिया गठबंधन' के सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को दावेदारी की सियासत शुरू हो चुकी है।
बिहार के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार में महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा कैसे होगा। प्रदेश में राजद, जदयू, कांग्रेस और वाम दल ने मिलकर महागठबंधन की नींव रखी और सत्ता में भी हैं।

बिहार के महागठबंधन की तर्ज़ पर ही विपक्षी एकता को मज़बूत करने के लिए भाजपा के खिलाफ़ 'इंडिया गठबंधन' की नींव रखी गई। वरिष्ठ पत्रकार अलीम अतहर ने बिहार में इंडिया गठबंधन के सीट बंटवारे को लेकर बेबाकी से अपनी बात रखी।
वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि किसी भी प्रदेश में विपक्षी गठबंधन में ज़्यादा सहयोगी दल होने की वजह से सीटों के बंटवारे में काफी परेशानी हो सकती है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो करीब 1 साल से विपक्षी एकता को मज़बूत करने की पहल करते आ रहे हैं।
लालू प्रसाद यादव की तबियत नासाज़ होने के बाद उनके बेटे तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार ने मोर्चा संभाला। 'इंडिया गठबंधन' बन जाने के बाद प्रदेश की 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे की ज़िम्मेदारी खास तौर से राजद और जदयू को ही निभाना है।
बिहार में हुए सीटों के बंटवारे की तर्ज़ पर ही देश भर में 'इंडिया गठबंधन' के सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे की बात हो सकती है। वहीं बिहार में गठबंधन के सहयोगी दल अपने-अपने मुताबिक सीटों पर दावेदारी ठोक रहे हैं।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह पार्टी के मज़बूत जनाधार के एतबार से सीटें चाह रहे हैं। चाहे उन सीटों पर राजद और जदयू क्यों ने चुनाव लड़ती आ रही हो। 'इंडिया गठबंधन' की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बिहार में कांग्रेस अपनी जगह तलाश रही है।
राजद और जदयू किसी भी हाल में एक दूसरे से कम सीटें लेने के लिए तैयार नहीं होगी। वाम दल भी करीब 8 सीटों पर दावेदारी ठोक रही है। प्रदेश में कुल 40 सीटें ही हैं। इनमें कांग्रेस 10 सीटों पर दावेदारी जता रही है। 8 सीटों पर वामदल चुनाव लड़ना चाहती है। अब बची 22 सीटें इनमें से अगर राजद और जदयू बराबर सीटें लेती है तो दोनों के खाते में 11-11 सीटें आएंगी।
इस हिसाब से देखा जाए तो राजद को 11 सीटें, जदयू को 11 सीटें, कांग्रेस को 10 सीटें और वाम दलों के खाते में 8 सीटें जा सकती हैं। सीट शेयरिंग में अगर इंडिया गठबंधन ज़रा सा भी चूकती है तो एनडीए गठबंधन को इसका पूरा फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।












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