Gopalganj Gas Case: बच्चे से छिन गया सबकुछ, परिवार में अकेला बचा 8 साल का मासूम
Gopalganj Gas Case: गोपालगंज गैस सिलेंडर रिसाव कांड ने एक परिवार के चारों लोगों को लील लिया। बलुआ टोला गांव (जादोपुर थाना क्षेत्र ) के आक्रोशित लोगों ने एक ही परिवार के चार लोगों की बारी-बारी से हुई मौत के जादोपुर...
Gopalganj Gas Case: बिहार के गोपालगंज जिले में बलुआ टोला में (जादोपुर थाना) में दो अक्टूबर की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। इस हादसे में एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में सिर्फ अकेला 8 साल का मासूम बचा और उसके साथ सिर्फ ग़म और तन्हाई बची। दो अक्टूबर की सुबह गैस रिसाव होने की वजह से द्वारपति देवी की बुरी तरह झुलस गई थी, जिनकी घटना के दिन ही मौत हो गई थी। द्वारपति देवी की मौत का ग़म अभ कम भी नहीं हुआ था कि मासूम की आखों ने दो और मौतें देख लीं।

परिवार में बचा 8 साल का मासूम
द्वारपति देवी की मौत के बाद उनके बेटे ओमप्रकाश वर्णवाल और सन्नी कुमार की बीते सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। इस सदमे से मासूम बाहर भी नहीं निकला था कि उसकी कानों को एक और मौत की खबर मिली। ओमप्रकाश वर्णवाल की मौत के बाद उनकी पत्नी रूबी देवी की इलाज के दौरान बुधवार की रात मौत हो गई। इस तरह छोटे से मासूम का का धीरे-धीरे परिवार वाले साथ छोड़कर चले गए। अब उस परिवार में एक छोटा सा 8 साल का बच्चा अपने गम और तन्हाई में ज़िंदगी गुज़ार रहा है।

गोपालगंज गैस सिलेंडर रिसाव कांड
गोपालगंज गैस सिलेंडर रिसाव कांड ने एक परिवार के चारों लोगों को लील लिया। बलुआ टोला गांव (जादोपुर थाना क्षेत्र ) के आक्रोशित लोगों ने एक ही परिवार के चार लोगों की बारी-बारी से हुई मौत के जादोपुर बाजार को गुरुवार को बंद कराया। इसके साथ ही शव को रोड पर रख कर प्रदर्शन किया और मृतक के परिजन को मुआव़ा देने की भी मांग रखी। वहीं जिला प्रशासन ने एक ही परिवार के चार लोगों की हादसे में मौत की जांच की बात कही है। हादसा बहुत ही दर्दनाक था, कैसे हादसा हुआ इसके बारे में जानकारी आगे आपको देंगे।

2 अक्टूबर को हुआ था हादसा
डॉ प्रदीप कुमार ने (सदर अनुमंडल पदाधिकारी) की मानें तो मामले में जांच रिपोर्ट तलब की गई है। इस तरह के हादसों मे सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का प्रावधान है। इसके मद्देनज़र कार्रवाई चल रही है। मिली जानकारी के मुताबिक 2 अक्टूबर की सुबह किचन में परिवार के चार लोग किचन में थे। किचन में रेगुलेटर ठीक किया जा रहा था। इसी दौरान माचिस जलाने पर रेगुलेटर में आग लग गई और पूरा किचन धुएं से भर गया।

दरवाज़ा तोड़कर घर में दाखिल हुए पड़ोसी
पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए, जहां देखा कि आगे में बुरी तरह झुलसने से द्वारपति देवी की मौक़े पर ही मौत हो गई, वहीं तीन और लोग आग से झुलसे थे और बेहोशी की हालत में किचन में पड़े हुए थे। इन तीनों लोगों की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरे मामले की जांच के लिए टी म गठित की गई। विक्रम साह (जादोपुर थानाध्यक्ष) के नेतृत्व में टीम ने मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि गैस सिलेंडर लीक हुआ और पूरे किचन में गैस फैल गया। इसी दौरान माचिस जलने से पूरा हादसा हुआ।

जिला प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
गैस रिसाव कांड में स्थानीय लोगों में काफी नाराज़गी है, उनका कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर बेहतर इलाज के लिए क़दम नहीं उठाया गया इसलिए इलाज के दौरान जख्मी लोगों की मौत हो गई। वहीं उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ़ से मुआवज़ा का प्रावधान है, वह भी अभी तक पीड़ित परिवार को नहीं मिला है। वहीं उन्होंने कहा कि मुआवज़ा से किसी की ज़िंदगी तो वापस नहीं लाई सकती लेकिन छोटे से मासूम के भविष्य को ज़रूर संवारा जा सकता है। मासूम ने अभी सही से पूरी दुनिया भी नहीं देखी और उसके सिर से बुजुर्गों का साया उठ गया।
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