गिरिराज ने मुसलमानों को बताया ‘नमक हराम’,कहा- इनका वोट नहीं चाहिए, ये आयुष्मान योजना का भी एहसान नहीं मानते
Giriraj Singh Bihar Chunav: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बिसात पर बिछीं गोटियां अभी ठीक से अपनी जगह ले भी नहीं पाई थीं कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक 'ट्विन-टॉवर' जैसा विवाद खड़ा कर दिया है। अरवल की चुनावी रैली में विपक्षी महागठबंधन पर सीधा वार करते हुए सिंह ने जिस तरह "नमक हराम" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, उसने न केवल सियासी पारा चढ़ाया, बल्कि भाषाई मर्यादा की लक्ष्मण रेखा भी लांघ दी।
एक मुस्लिम मतदाता से बातचीत का हवाला देकर, सरकारी योजनाओं के बावजूद वोट न मिलने का उनका आरोप, अब पप्पू यादव और संजय राउत जैसे दिग्गजों के तीखे पलटवार का केंद्र बन चुका है, जो उन्हें तुरंत माफी मांगने को कह रहे हैं। यह बयान बताता है कि बिहार की चुनावी लड़ाई इस बार 'विकास' से कहीं ज्यादा 'बयानों' पर लड़ी जाएगी।

'नमक हराम' पर सियासी बवाल
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अरवल में एक चुनावी रैली के दौरान बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन सभा को संबोधित करते हुए सिंह ने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधा, लेकिन अपने बयान में उन्होंने मुसलमानों को 'नमक हराम' कहकर संबोधित किया। सिंह ने दावा किया कि उनकी पार्टी ऐसे लोगों के वोट नहीं चाहती, जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद बीजेपी को वोट नहीं देते। उन्होंने एक मुस्लिम मतदाता से अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि, 'मैंने पूछा, क्या आपको आयुष्मान कार्ड मिला? उन्होंने कहा, हां। क्या इसमें हिंदू या मुस्लिम का मुद्दा था? उन्होंने कहा, नहीं। मैंने पूछा, क्या आपने मुझे वोट दिया? उन्होंने कहा, नहीं। मैंने पूछा, मेरी गलती क्या थी?... मैंने कहा... मुझे नमक हरामों के वोट नहीं चाहिए।'
VIDEO | Bihar: “Muslims take benefits of all Central schemes but don't vote for us”, says Union Minister Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) at poll rally in Arwal.#BiharElection2025 #BiharElectionsWithPTI
— Press Trust of India (@PTI_News) October 18, 2025
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विपक्षी नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया
गिरिराज सिंह के इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सिंह के बयान को भाषाई मर्यादा का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि राष्ट्र के साथ किसने विश्वासघात किया और अंग्रेजों के साथ कौन खड़ा था। गिरिराज को पहले उस इतिहास को याद करना चाहिए।" शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गिरिराज सिंह की आलोचना करते हुए पूछा, "अगर कोई आपको वोट नहीं देता, तो क्या वे सभी नमक हराम हैं?' राउत ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, 'हिंदुओं ने भी उन्हें (बीजेपी को) वोट नहीं दिया है... महाराष्ट्र में, बंगाल में, केरल में, जम्मू-कश्मीर में, कर्नाटक में, हिंदुओं ने उन्हें वोट नहीं दिया है। क्या आप उन सभी को नमक हराम कहेंगे, श्री गिरिराज सिंह? आप 'वोट चोरी' करके सत्ता में हैं। जब हिंदू आपको वोट नहीं दे रहे हैं, तो क्या आप उन्हें भी 'नमक हराम' कहेंगे? पीएम मोदी को उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर देना चाहिए। आप किसी भी व्यक्ति, किसी भी समुदाय को ऐसी बातें नहीं कह सकते।'
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बिहार में विकास और सुरक्षा का दावा
अपने विवादित बयान के बावजूद, गिरिराज सिंह ने अरवल में बिहार में हुए विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सड़कों और वाहनों के रखरखाव में आए सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में महत्वपूर्ण बदलाव और विकास हुआ है। सिंह ने सार्वजनिक सुरक्षा, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा, "इस बिहार की सुरक्षा आपके हाथों में है। मेरी बहन-बेटी की सुरक्षा आपके हाथों में है। पहले मैं शाम 5 बजे के बाद बाहर नहीं निकल पाता था, आज मेरी बेटी भी रात को बाहर जाती है और सुरक्षित वापस आती है। उसकी सुरक्षा कौन करेगा? बेटियों और बहुओं की सुरक्षा कौन करेगा? यह एनडीए की सरकार करेगी।"
महागठबंधन पर तीखा प्रहार और जीत का दावा
केंद्रीय मंत्री ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की शानदार जीत का दावा किया। उन्होंने विपक्षी महागठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह खंडित अवस्था में है - 'दिल के टुकड़े हजार हुए, कोई यहां गिरे, कोई वहां गिरे।' सिंह ने यह भी कहा कि बिहार में महागठबंधन जैसी कोई चीज नहीं है, और राजद नेता तेजस्वी यादव में जनता का कोई विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा, '2010 में, जदयू और बीजेपी ने मिलकर 206 सीटें जीतकर एक रिकॉर्ड बनाया था। इस बार, हम उससे भी ऊपर जाएंगे।'
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