Gaya News: नशे पर लगाम लगाने की मुहिम तेज़, मादक पदार्थों की नष्ट की जा रही खेती, जानिए मामला
Bihar News: बिहार के विभिन्न ज़िलों में नशा पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार जागरुकता अभियान चला रही है। इसके साथ ही मादक पदार्थों की खेती भी नष्ट की जा रही है। इसी क्रम बिहार के गया ज़िले में भी मादक पदार्थों की खेती को ख़त्म किया जा रहा है।
गया ज़िला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. खुद इसे लेकर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इस बाबत डीएम की अध्यक्षता में मादक पदार्थों के रोकथाम से संबंधित उच्च स्तरीय बैठक की गई। गया जिला में हो रही अफीम की खेती को जड़ से ख़त्म करने पर मंथन हुआ।

साल 2022-2023 में जिस तरह से मादक पदार्थों की खेती पर जिस तरह से लगाम लगाया गया था। इस साल भी (2023-2024) में भी मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग, नोडल विभाग को नामित किया गया है। अफीम की खेती का विनष्टीकाण मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग, गया के नेतृत्व में कार्रवाई की जारही है।
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इमामगंज और बाराचट्टी में एक साथ अफीम की खेती को नष्ट किया जा रहा है। उत्पाद विभाग के अलावे विनष्टीकरण की टीम में नारकोटीक्स कंट्रोल ब्यूरो (N.C.B.), वन प्रमंडल गया, SSB, संबंधित थाना क्षेत्र के थाना अध्यक्ष और संबंधित क्षेत्र के अंचलाधिकारी भी मौजूद थे।
इस साल (2023-24) 5 दिसंबर से विनष्टीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। शुरूआत में मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग, गया द्वारा 2 टीमों का गठन किया गया था। वहीं अफीम की खेती को तुरंत नष्ट करने के लिए सहायक आयुक्त मद्यनिषेध, गया द्वारा कुल टीमों की संख्या बढ़ाकर 5 कर दी गई है।
पिछले साल 28 दिसम्बर तक 212.52 एकड़ ज़मीन में हुई खेती का विनष्टीकरण किया गया था। वहीं इस साल दिनांक 28.12.2023 तक कुल विनष्टीकरण 479. 50 एकड़ किया जा चुका है। चापी, लुटुआ, धनहेटा, बड़ी चापी, सोनदाहा, हरमत, मुरनिया, डुमरी, बेनवतरी, छपारकर, कुम्भी, डुमरी नाला, सलैया, सीसीयाताड़, सोनदाहा अमूखाप, पुरैनी आदि में विनष्टीकरण किया गया है।












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