Bihar Election 2025: ‘बीच’ का सपना और 2500 रुपए की योजना, बिहारियों को मूर्ख नहीं समझें- प्रशांत किशोर
Bihar Election 2025: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस पार्टी और भाजपा सांसद संजय जायसवाल पर जमकर निशाना साधा। उनके वक्तव्यों में जहां गहरा व्यंग्य था, वहीं तथ्यों और आंकड़ों के सहारे उन्होंने विपक्षियों के दावों को चुनौती दी।
मोतिहारी-मुंबई की तुलना पर सीधा तंज
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान पर तीखा व्यंग्य किया जिसमें उन्होंने मोतिहारी को मुंबई बना देने की बात कही थी। PK ने कहा "मोदी जी कहते हैं मोतिहारी अब मुंबई बन जाएगा। एम से मोतिहारी और एम से मुंबई, यह केवल तुकबंदी है। जैसे पी से पटना को पी से पुणे बना देने की कल्पना करते हैं।

अब तो लग रहा है कि मोदी जी समुंदर भी उठा कर मोतिहारी ले आएंगे, और हम बिहार वाले बीच पर टहला करेंगे! उन्होंने आगे कहा, जैसे चीनी मिल को शुरू हुआ दिखाया गया, वैसे ही यह भी केवल एक राजनीतिक स्लोगन है, धरातल पर इसका कोई अर्थ नहीं।
'माई-बहिन योजना' पर तेजस्वी और कांग्रेस को घेरा
PK ने राजद और कांग्रेस की ओर से घोषित 'माई-बहिन योजना' को लेकर बजट की सच्चाई जनता के सामने रखी। उन्होंने कहा: "बिहार की 5 करोड़ महिलाओं को यदि 2500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएं, तो राज्य को सालाना करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। क्या बिहार के बजट में इसकी गुंजाइश है?"
तेजस्वी यादव की बजट समझ को लेकर तीखा कटाक्ष
"तेजस्वी जी को बजट का कोई ज्ञान नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम यदि बिहार आकर समझा दें कि इतना पैसा कहां से आएगा, तो हम इस योजना को मानने को तैयार हैं।" साथ ही PK ने पूछा कि यदि योजना इतनी ही जरूरी है, तो कांग्रेस इसे पहले हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में क्यों नहीं लागू करती?
भाजपा सांसद संजय जायसवाल को बताया 'आउट' खिलाड़ी
संजय जायसवाल के एक हालिया बयान पर पलटवार करते हुए PK ने कहा "भाजपा ने खुद संजय जायसवाल को आउट कर दिया है। अब वो अपने बड़े भाई और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के लिए रनर की तरह मैदान में उतरे हैं।"
दिलीप जायसवाल पर लगे आरोपों को भी दोहराया
प्रशांत ने उन पर सिखों के कॉलेज पर कब्जे और हत्या जैसे संगीन आरोप हैं, जिनका अब तक कोई जवाब नहीं आया है। क्रिकेट में जैसे असली बल्लेबाज आउट हो जाता है और रनर भी पवेलियन लौटता है, वैसे ही इनकी भी पारी खत्म होने वाली है।
मुद्दों के बजाय मजाक बन रहे वादे
सियासी जानकारों का कहना है कि प्रशांत किशोर की ये टिप्पणियां सिर्फ तंज़ नहीं, बल्कि उस गंभीर राजनीतिक शून्यता की ओर भी इशारा करती हैं जहाँ विकास के नाम पर अब प्रतीकात्मक नारे, लोकलुभावन योजनाएं और फैंटेसी परोसने का प्रयास हो रहा है।
PM मोदी के मोतिहारी-मुंबई बयान को PK ने जमीनी हकीकत से कटे हुए राजनीतिक भ्रमजाल की संज्ञा दी, वहीं तेजस्वी और कांग्रेस की योजनाओं को वित्तीय रूप से दिवालिया घोषणा बताया। PK के इस संवाद का उद्देश्य केवल हमला करना नहीं, बल्कि विकल्प और विवेक आधारित राजनीति की मांग को पुनर्स्थापित करना भी है।












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