चिराग पासवान का खेल बिगाड़ने में लगे ई. रविन्द्र सिंह, महापंचायत में LJPR को हराने का लिया संकल्प
Lok Sabha Chunav: हाजीपुर लोकसभा के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों की जागरूक मतदाता महापंचायत का आयोजन इंजीनियर रविंद्र सिंह के नेतृत्व में आज पासवान चौक स्थित फन प्वाइंट रिजॉर्ट में महापंचायत किया गया।
इस दौरान महापंचायत में शामिल हो रहे तमाम राजनीतिक एवं सामाजिक प्रबुद्धजनों ने हाजीपुर संसदीय क्षेत्र के हित में ध्वनिमत से चिराग पासवान को हराने और हाजीपुर के ही बेटे राजद उम्मीदवार शिवचंद्र राम को विजयी बनाने का इंजीनियर रविंद्र सिंह ने संकल्प दिलाया।

ख़ास कर सवर्ण समाज ने साफ़ कह दिया कि जिस तरह से वैशाली लोकतंत्र की जननी को राजतंत्र में बदलने का कार्य किया जा रहा है, वह क्षमा योग्य नहीं है। महापंचायत में कई जनप्रतिनिधि ,किसान, व्यवसायी व नौजवान के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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इंजीनियर रविंद्र सिंह ने कहा कि इस महाजुटान में सवर्ण समाज की सक्रियता एवं व्यापक भागीदारी ने यह सुनिश्चित कर दिया कि सवर्ण समाज काफी आक्रोश में है। महापंचायत का मुख्य उद्देश्य आगामी लोकसभा चुनाव में समाज की भूमिका पर केंद्रित है।
हम एवं हमारे जैसे बहुत सारे लोगों ने तन मन और धन से लोजपा (रामविलास) पार्टी को ऊंचाई पर लाने का कार्य किया, लेकिन इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के दोहरे चरित्र को देखा तो काफी आहत हुआ और एक साथ 22 ऊर्जावान संघर्ष के साथी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
हम सभी साथियों ने निर्णय किया की बिहार को बचाना है तो चिराग पासवान के बहुरूपिया चरित्र को जनता के बीच उजागर करना होगा। जो संघर्ष के दिनों के साथी का ना हुआ, वो हाजीपुर की जनता का क्या होगा!
चिराग पासवान के इस नाटकीय चरित्र के कारण ही बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट की जगह आम जनता कहने लगी है 'परिवार फर्स्ट और पैसा फर्स्ट'। चिराग पासवान कहते हैं कि वे पिता की विरासत को संभालने हाजीपुर आया हूं। इससे यह सिद्ध होता है कि उनकी मंशा बाबा साहेब द्वारा लिखित संविधान के खिलाफ है।
पिता की राजनीतिक विरासत पुत्र संभाले, इसका जिक्र संविधान में कही नहीं है। यह प्रजातंत्र है और जनता अपना प्रतिनिधि स्वयं चुनती है, सिर्फ पिता के नाम पर कितना दिन राजनीति करेंगे। उन्होंने कहा कि इस महापंचायत के माध्यम से समाज का फैसला सर्वोपरि है।
हाजीपुर की संपूर्ण जनता चिराग पासवान के खिलाफ है। चौक- चौराहे,गली- मोहल्ले, हाट-बाजार सभी जगह आम चर्चा है कि चिराग पासवान टिकट बेचकर राजनीति को कलंकित करने का कार्य किया है। जो व्यक्ति अपने पार्टी के कर्मठ साथियों के संघर्ष को बेच सकता है।
वह हाजीपुर के जनता की भावनाओं को तो जरूर हो बेच देगा. बिहार की राजनीति में चिराग पासवान अब भरोसेमंद चेहरा नहीं रह गए हैं। इसलिए जनता ने इनको सबक सिखाने का मन बना लिया है।












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