Bihar News: ‘चेहरे और छाती पर भी काफी असर पड़ा है...’, Detonator Blast से ज़ख्मी हुआ युवक, हालत नाज़ुक
Detonator Blast In Chapra Bihar: बिहार के छपरा से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां विस्फोट की घटना हुई है। मढ़ौरा और इसुआपुर की सीमा से सटे नवादा इलाके में खनन के दौरान एक डेटोनेटर फट गया। वहां काम कर रहा एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल को तुरंत मढ़ौरा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर सदर अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। घायल मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। मढ़ौरा रेफरल अस्पताल के डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि मजदूर को गंभीर चोटें आई हैं।

युवक उसके हाथ-पैर बुरी तरह जख्मी हैं, चेहरे और छाती पर भी काफी असर पड़ा है। गंभीर चोटों के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। घायल मजदूर की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी 30 वर्षीय रामबाबू दास के रूप में हुई है।
मढ़ौरा डीएसपी नरेश पासवान घटना की जानकारी जुटाने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन मजदूर की अर्धचेतन अवस्था के कारण यह चुनौतीपूर्ण रहा। डीएसपी ने बताया कि घटना कैसे हुई, इसका पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
डॉ राजीव रंजन, चिकित्सक, मढ़ौरा ने बताया कि घायल को अस्पताल लाया गया। उसके साथ आए सहकर्मियों ने बताया कि विस्फोट हुआ है। हालत गंभीर होने के कारण उसे छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया। रंजन कुमार यादव ने बताया कि बाद में एजेंसी के कर्मियों ने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी।
भारत सरकार मोतिहारी और रोहतास के बीच भूकंपीय सर्वेक्षण करवा रही है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य धरती की सतह के नीचे कच्चे तेल और गैस का पता लगाना है। इस परियोजना के सिलसिले में खनन कार्य चल रहा था। श्रमिकों के अनुसार, तेल खनन के लिए तारों और डेटोनेटर का उपयोग करके जमीन में 30 मीटर तक ड्रिलिंग की आवश्यकता होती है।
सोमवार की सुबह 11:30 बजे डेटोनेटर लगाते समय विस्फोट हो गया। डेटोनेटर एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग विस्फोटकों को सक्रिय करने के लिए किया जाता है। यह एक ट्रिगर की तरह काम करता है, जिससे विस्फोटकों को आसानी से विस्फोटित किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर खनन और पहाड़ी इलाकों में चट्टानों को तोड़ने में किया जाता है।
अगर सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए, तो डेटोनेटर अप्रत्याशित रूप से फट सकते हैं, जिससे आस-पास के लोगों को गंभीर नुकसान हो सकता है। अपनी विस्फोटक क्षमताओं के कारण इनका उपयोग बम बनाने की प्रक्रिया में भी किया जाता है। कच्चा तेल पृथ्वी की सतह के नीचे से निकाले गए अपरिष्कृत पेट्रोलियम को संदर्भित करता है।
इसमें मुख्य रूप से हाइड्रोकार्बन होते हैं और इसमें शोधन प्रक्रियाओं के बाद पेट्रोल और डीजल जैसे पदार्थ शामिल होते हैं। भूकंपीय सर्वेक्षण एक ऐसी विधि है जिसका उपयोग पृथ्वी की सतह पर नियंत्रित विस्फोट करके तथा नीचे खनिजों का पता लगाने के लिए सेंसर का उपयोग करके भूमिगत खनिज भंडारों की पहचान करने के लिए किया जाता है।
यह घटना डेटोनेटर जैसे विस्फोटकों से जुड़ी खनन गतिविधियों से जुड़े जोखिमों को उजागर करती है। भूकंपीय सर्वेक्षण या किसी अन्य खनन कार्य के दौरान ऐसे उपकरणों को संभालते समय उचित सुरक्षा उपाय ज़रूरी हैं।












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