'जींस-शर्ट वाले मिनिस्टर', बिहार के मंत्री बनाए जाने पर ट्रोल हुए उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक, क्या है मामला?
Deepak Prakash Minister Troll (Upendra Kushwaha Son): बिहार की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कई राजनीतिक संकेत साफ दिखे, लेकिन सबसे ज्यादा नजरें जिस चेहरे पर ठहर गईं,वह थे-उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश। वजह सिर्फ यह नहीं कि वह बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री बन गए, बल्कि इसलिए भी कि उन्होंने जींस, शर्ट और क्रॉक्स पहनकर मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद सोशल मीडिया पर दीपक प्रकाश को जमकर ट्रोल किया जाने लगा।
जींस-शर्ट पहनकर शपथ, सोशल मीडिया पर बवाल
पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ समारोह में जैसे ही दीपक प्रकाश मंत्री पद का वचन लेने आगे बढ़े, कैमरों ने उनका लुक कैद कर लिया। कुछ ही मिनटों में तस्वीरें वायरल हो गईं और एक्स पर लोगों ने जमकर कमेंट किए। सोशल मीडिया पर कई एक्स यूजर ने लिखा है कि जींस, शर्ट और क्रॉक्स पहनकर शपथ लेने वाले दीपक प्रकाश बिहार के पहले मंत्री बने हैं।

🟡 सोशल मीडिया पर दीपक प्रकाश को लेकर क्या बोले यूजर?
एक यूजर ने लिखा-"बिहार के जींस और शर्ट वाले मंत्री जी का लुक वायरल है। बेटे को सीधे मंत्री बना दिया गया है, वह भी बिना चुनाव लड़े।"
बिहार के जींस और शर्ट वाले मंत्री जी का लुक वायरल है...
— Shweta Rai (Vistaar News) (@Shwetaraiii) November 20, 2025
बिहार सरकार के नए मंत्री दीपक प्रकाश...उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं...दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े मंत्री बने हैं... pic.twitter.com/KaTMUSw5TW
दूसरे यूजर ने चुटकी ली-"नीतीश कैबिनेट का सबसे बड़ा सरप्राइज! जींस-शर्ट और क्रॉक्स में शपथ... परिवारवाद का नया स्टाइल।"
बिहार में जीन्स-शर्ट पहन कर मंत्री पद का शपथ लेने वाले पहले नेता बनें दीपक प्रकाश!#Bihar #DeepakPrakash pic.twitter.com/IpcZ7YD53H
— SOURAV RAJ (@souravreporter2) November 20, 2025
अन्य यूजर ने लिखा-"पति सिंबल लेकर विधायक बनीं, बेटा सीधे मंत्री... लोकतंत्र में राजतंत्र का लेटेस्ट उदाहरण।" कुछ यूजर ने मजाक में यह भी कहा कि "बिहार में पहली बार जींस-शर्ट पहनकर मंत्री बनने का कारनामा हुआ है।"
जीन्स और शर्ट में शपथ लेते दीपक प्रकाश, अचानक से राजनीति में आए और मंत्री भी बन गए...खैर उम्मीद करते हैं इनका ये ईजी गो स्टाईल इनके काम में भी नजर आए...#Bihar pic.twitter.com/1CyvaWMwOx
— Garima Bharti (@GarimaBharti19) November 20, 2025
नीतीश कैबिनेट में सबसे बड़ा सरप्राइज—
— Indiascope (@SarvjeetVi213) November 20, 2025
दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री बने।
जींस, शर्ट और क्रॉक्स में शपथ लेकर सबका ध्यान खींच लिया।
खुद बोले—
“क्यों बनाया गया, पिता जी से पूछिए।”
परिवारवाद के सवाल पर भी बेझिझक जवाब दिया।
अब देखने वाली बात—
किस पार्टी का कोटा छोड़कर… pic.twitter.com/IHFzGsRrlh
🟡 परिवारवाद को लेकर भी उठे सवाल?
दीपक प्रकाश से जब पूछा गया कि उन्हें क्यों मंत्री बनाया गया, तो उनका जवाब था-"क्यों बनाया गया, पिता जी से पूछिए।" परिवारवाद के सवाल पर उन्होंने बिना घुमाए-फिराए जवाब दिया, जिससे सोशल मीडिया पर बहस और गर्म हो गई। लोग पूछने लगे-क्या बिना चुनाव लड़े किसी को मंत्री बनाना ठीक है?
पिता अगर पॉवर में हो तो पुत्र को भी पॉवरफुल बना देता है। उपेंद्र कुशवाहा जी के सुपुत्र दीपक प्रकाश जी नई सरकार में मंत्री बनने वाले हैं...अभी इन्होंने एक चुनाव भी नहीं लड़ा है लेकिन ये पहले #मंत्री बनेंगे और उसके बाद इनके #पिताश्री बैक डोर से MLC भी बनवा देंगे। इसको ही कहते हैं… pic.twitter.com/rvyLfPMyPh
— prasoon pankaj jha (@pankajprasoon) November 20, 2025
कुछ यूजर ने तंज करते हुए लिखा, ''बिहार में जीन्स-शर्ट पहन कर मंत्री पद का शपथ लेने वाले पहले नेता बनें दीपक प्रकाश!'' एक अन्य यूजर ने लिखा, ''जीन्स और शर्ट में शपथ लेते दीपक प्रकाश, अचानक से राजनीति में आए और मंत्री भी बन गए...खैर उम्मीद करते हैं इनका ये ईजी गो स्टाईल इनके काम में भी नजर आए।''
ये शपथ ले रहे दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, फिर भी मंत्री बनें क्योंकि उपेंद्र कुशवाहा जी के बेटे हैं।
— Pratik Patel (@PratikVoiceObc) November 20, 2025
यह परिवारवाद की श्रेणी में आता है कि नहीं..? क्या इनलोगों को सिर्फ़ राजद में परिवारवाद दिखता है..? pic.twitter.com/46MN3ozbeF
एक अन्य यूजर ने कहा, ''ये शपथ ले रहे दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, फिर भी मंत्री बनें क्योंकि उपेंद्र कुशवाहा जी के बेटे हैं। यह परिवारवाद की श्रेणी में आता है कि नहीं..? क्या इनलोगों को सिर्फ़ राजद में परिवारवाद दिखता है?''
उपेंद्र कुशवाहा का बेटा दीपक प्रकाश !
— Abhay Paswan (@AbhayPaswan01) November 20, 2025
बिना चुनाव लड़े ही बिहार सरकार में मंत्री बन गए है। अब उपेंद्र कुशवाहा का पूरा परिवार राजनीति में आ चुका है।
उपेन्द्र कुशवाहा राज्य सभा सांसद, पत्नी स्नेहलता सासाराम से विधायक और अब पुत्र दीपक प्रकाश बिना चुनाव के मंत्री।
बिहार की राजनीति… pic.twitter.com/mkOPQdqIEq
एक अन्य यूजर ने लिखा, ''उपेंद्र कुशवाहा का बेटा दीपक प्रकाश !बिना चुनाव लड़े ही बिहार सरकार में मंत्री बन गए है। अब उपेंद्र कुशवाहा का पूरा परिवार राजनीति में आ चुका है। उपेन्द्र कुशवाहा राज्य सभा सांसद, पत्नी स्नेहलता सासाराम से विधायक और अब पुत्र दीपक प्रकाश बिना चुनाव के मंत्री। बिहार की राजनीति में सभी नेता अपने नए पीढ़ी को इंट्री करवा रहे है। देखना ये होगा कि ये लोग बिहार को कितना नया और समृद्ध बनाते है। उम्मीद यही है।''
🟡 कौन हैं दीपक प्रकाश? बिना चुनाव लड़े कैसे बने मंत्री?
दीपक प्रकाश का राजनीतिक सफर बहुत लंबा नहीं है, लेकिन पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत है। वह आरएलएम सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। नीतीश सरकार में उन्हें रालोमो कोटे से मंत्री बनाया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि दीपक प्रकाश वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं फिर भी मंत्री बने। अब उन्हें 6 महीनों के भीतर विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य बनना ही होगा। यही वजह है कि माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी के खाली हुए एमएलसी सीट से उन्हें सदस्य बनाया जाएगा।
🟡 मां विधायक, पिता सांसद-परिवार की राजनीति में नई एंट्री
दीपक की मां स्नेहलता कुशवाहा हाल ही में सासाराम से विधायक चुनी गई हैं। पिता राज्यसभा सांसद हैं। अब बेटा मंत्री बन गया।इस वजह से कहा जा रहा है कि कुशवाहा परिवार अब बिहार की सत्ता में पहले से ज्यादा मजबूत हो चुका है।
सासाराम में तो चर्चा यहां तक है कि, "लोग उम्मीद कर रहे थे कि स्नेहलता कुशवाहा को मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन आखिरी समय में बेटे के नाम पर मुहर लग गई।"
🟡 चुनाव के दौरान मां के साथ सक्रिय थे दीपक प्रकाश
हालिया विधानसभा चुनाव में दीपक अपनी मां के साथ पूरी तरह सक्रिय दिखे। उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा भी प्रचार और संगठनात्मक काम में शामिल रहीं। कई स्थानीय नेताओं का मानना है कि परिवार की एकजुट मेहनत ने चुनाव में बड़ा योगदान दिया।
🟡 शिक्षा और करियर-टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड से राजनीति तक
दीपक की पढ़ाई-लिखाई बेहद दमदार है
- जन्म : 22 अक्टूबर 1989
- 10वीं : ICSE बोर्ड, 2005
- 12वीं : CBSE पटना, 2007
- बीटेक (कंप्यूटर साइंस) : मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2011
- 2011-2013 : मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
- उसके बाद-सेल्फ-एम्प्लॉयड
- 2019-20 : सक्रिय राजनीति में एंट्री
- पिता के संगठनात्मक कामों में हाथ बंटाते-बंटाते वह राजनीति में धीरे-धीरे स्थापित होते गए।
अगली परीक्षा-6 महीने में सदस्यता जरूरी
अब असली टेस्ट यह है कि दीपक को छह महीने के अंदर या तो एमएलसी बनना होगा। और नहीं तो उप-चुनाव जीतकर एमएलए बनना होगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एमएलसी का रास्ता उनके लिए ज्यादा आसान और तय माना जा रहा है।












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