Yogesh Cycle Yatra: नौकरी छोड़ी, पॉकेट में रखे 4500 रुपए, 29 राज्यों के दौरे पर युवक
योगेश छत्तीसगढ़ के लीखमामा गांव (धमतरी जिला) के रहने वाले हैं। केंद्र सरकार की ग्रीन इंडिया क्लीन इंडिया अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने अपने साइकिल यात्रा की शुरुआत की है। बिहार में वह भागलपुर, पूर्णिया, किशनगंज का....
पटना, 5 अक्टूबर 2022। (Cycle Yatra) इंसान के अंदर जुनून हो तो वह मुश्किल से मुश्किल काम को भी आसानी से अंजाम दे सकता है। छत्तीसगढ़ का एक युवक अपने जुनून की वजह से सुर्खियों में है, दरअसल युवक साइकिल चला कर 29 राज्यों के दौरे पर एक मिशन के तहत निकले हैं। योगेश कुमार हिंदुस्तान को साफ और हरा भरा रखने के संदेश को लेकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं। अभी तक उन्होंने 17 राज्यों का सफर तय करते हुए बिहार पहुंचे हैं। अब वह भागलपुर होते हुए बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को स्वच्छ भारत के लिए जागरुक भी कर रहे हैं। योगेश के सफर की कहानी बहुत ही दिलचस्प है। आइए विस्तार से उनके बारे में जानते हैं।

12 हज़ार KM का सफर तय कर चुके हैं योगेश
आज की तारीख में बेरोज़गारी की मार ज्यादातर युवा झेल रहे हैं। वहीं योगेश ने पर्यावरण प्रेम के चलते निजी नौकरी छोड़ दी और लोगों को पर्यावरण प्रेम का संदेश देने साइकिल से निकल पड़े। ग़ौरतलब है कि 29 राज्यों के दौरे पर निकले योगेश ने सफर की शुरुआत की तो उन्होंने सिर्फ 4 हज़ार 5 सौ रुपये अपने पास रखा। योगेश साइकिल से 12 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं, इसके साथ ही उन्होंने 17 राज्यों का दौरा भी पूरा कर लिया है। योगेश का 12 राज्यों का दौरा अभी बाक़ी है, इसी कड़ी में साइकिल यात्रा करते हुए वह बिहार के भागलपुर जिला पहुंचे और लोगों को स्वच्छ और हरा भरा भारत का संदेश दिया।

साइकिल यात्रा कर बिहार पहुंचे योगेश
योगेश छत्तीसगढ़ के लीखमामा गांव (धमतरी जिला) के रहने वाले हैं। केंद्र सरकार की ग्रीन इंडिया क्लीन इंडिया अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने अपने साइकिल यात्रा की शुरुआत की है। बिहार में वह भागलपुर, पूर्णिया, किशनगंज का दौरा करेंगे, फिर पश्चिम बंगाल होते हुए पूर्वोत्तर के प्रदेशों में दाखिल होंगे। मीडिया से मुखातिब होते हुए योगेश ने कहा कि हमारा क्षेत्र साफ़ रहने पर ही आने वाली पीढ़ी की स्वच्छ वातावरण में अच्छी ज़िंदगी गुज़ार पाएंगे। भागलपुर में गंगा आरती में भाग लेते हुए योगेश ने लोगों को भी स्वच्छ और हरा भरा भारत का संदेश दिया।

26 मार्च को की थी साइकिल यात्रा की शुरुआत
12वीं की पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद योगेश ने निजी कपंनी में नौकरी की, जहां उन्हें 12 हज़ार रुपये सैलरी मिलती थी। वह नौकरी तो कर रहे थे लेकिन अपने काम से संतुष्ट नहीं हो पा रहे थे। उनके अंदर कुछ अलग औऱ अच्छा करने का जुनून था। पर्यावरण से प्रेम रखने वाले योगेश ने इसी के मद्देनज़र लोगों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का फ़ैसला लिया और नौकरी छोड़ दी। घर वालों को अपनी बात बताई और 4500 रुपए लेकर 26 मार्च 2022 को साइकिल यात्रा पर निकल गए।

पेट्रोल पंप और ढाबे पर रात गूज़ारते हैं योगेश
योगेश साइकिल यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर का दौरा कर चुके हैं। योगेश ने बताया कि वह 4500 सौ रुपये लेकर साइकिल यात्रा पर निकले थे लेकिन सफर के दौरान लोग उनकी आर्थिक मदद भी कर रहे हैं। योगेश को अभी तक 35 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद मिल चुकी है। वहीं योगेश के सफर के दौरान रास्ते कहीं रात हो जाती है तो वह किसी पेट्रोल पंप या ढाबा पर रुक जाते हैं। वहां रात गुज़ार कर सुबह होते ही अपने सफर पर निकल जाते हैं।
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