CWC 2023 का टूटा सपना, कहां हुई इंडियन खिलाड़ियों से चूक, बिहारी रणजी खिलाड़ी ने किया एक्सप्लेन
CWC 2023, Team India Se Kahan Hui Chook: विश्व कप 2023 का फ़ाइनल मुक़ाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद, गुजरात) में सोमवार को हुआ। क्रिकेट प्रेमियों को यह उम्मीद थी कि इंडिया टीम विश्व कप अपने नाम करेगी। इसके साथ ही एक अलग रिकॉर्ड भी बनाएगी, लेकिन भारतीय टीम के हारने के साथ ही अलग रिकॉर्ड बनाने का सपना भी टूट गया।
इंडियन क्रिकेट टीम की हार पर ख़ास बातचीत करते हुए रणजी खिलाड़ी इफ़्तेखार आलम (लेफ्ट आर्म पेसर) ने सीधे लफ्ज़ों में बताया कि टीम इंडिया कैसे हारी। उन्होंने कहा कि अगर टीम इंडिया विश्व कप जीत जाती तो एक अलग रिकॉर्ड भी देश के नाम जुड़ जाता। क्योंकि अभी तक यह रिकॉर्ड नहीं बना है कि कोई टीम विश्व कप में सारे मैच को जीत कर वर्ल्ड कप में क़ब्ज़ा जमाया हो।

विश्व कप के सिरीज़ में भारती क्रिकेट टीम लगातार 10 मैच जीत कर फ़ाइनल मुक़ाबले में पहुंची थी। अगर वह 11वां मैच भी जीत जाती तो देश के नाम एक अलग रिकॉर्ड दर्ज होता कि, विश्व कप के सारे मैचों को जीतते हुए इंडिया टीम ने विश्व कप पर क़ब्ज़ा जमाया है। लेकिन यह सपना अधूरा ही रह गया।
टीम इंडिया की हार का विश्लेषण करते हुए इफ्तेख़ार आलम ने बताया कि भारतीय टीम ने 241 रनों का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया के सामने रखा था। 43 ओवर में 4 विकेट गंवाते हुए ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लक्ष्य को पा लिया। अब बात करते हैं कि इंडिया से कहां चूक हुई जो कि हार का मुख्य कारण बनी।
इंडियान क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ों को चाहिए था कि 300 से ज़्यादा रनों का लक्ष्य दे, जब उन्होंने 241 रनों का लक्ष्य दिया तो फ़ील्डींग उसी मुताबिक टाइट रखनी चाहिए थी। ऑस्ट्रेलिया टीम के मुक़ाबले भारतीय टीम की फील्डिंग बहुत ही निराशाजनक थी।

ऑस्ट्रेलिया टीम के फील्डरों ने अपनी फील्डिंग से क़रीब 45 रनों को इंडिया के खाते में जाने से रोका था। वहीं इसके उलट इंडिया टीम के फील्डरों ने 45 से ज़्यादा रन अपनी ढीली फील्डिंग से ऑस्ट्रेलिया को मुफ्त में दिया। कई ऐसे मौक़े थे जब इंडियन फील्डर ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी को रन ऑउट कर सकते थे, जो कि नहीं किया।
भारतीय गेंदबाज़ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ के सामने फीके साबित हुए, उन्हें एक ही स्ट्रेटजी पर बॉलिंग करने के बजाए अलग-अलग दांव आज़माने चाहिए थे। एक ही पैटर्न पर बॉलिंग करने का यह नतीजा रहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बॉलिंग की स्ट्रेटजी को समझते हुए विकेट बचाने में कामयाब रहे। इसके अलावा भारतीय गेंदबाज़ों ने 18 एक्स्ट्रा रन (11 वाइड और 7 बाय) दिए।
120 गेंदों पर ट्रेविस हेड 137 रन बनाकर पवेलियन लौटे, तब तक टीम इंडिया के हाथों से खेल निकल चुका था। 15 चौके और 4 छक्के लगाते हुए शानदार पारी का प्रदर्शन करते हुए ट्रेविस ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के सपनों को चूर कर दिया।
110 गेंदों में मार्नस लबुशेन ने 58 रन बनाए, जिसमें 4 चौके शामिल थे। ट्रेविस और मार्नस की 192 रनों की साझेदारी जीत ऑस्ट्रेलिया की जीत के लिए वरदान बना। टीम इंडिया को चाहिए था कि इस जोड़ी को अपनी बॉलिंग स्ट्रेटजी से तोड़े लेकिन ऐसा नहीं हुआ और यह वजह रही कि टीम इंडिया के हाथों से विश्प कप के जाते ही एक और रिकॉर्ड दर्ज करने का सपना भी टूट गया।












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