बिहार: गणेश कभी था चिट फंड कंपनी का मालिक, कैसे एक झटके में उम्र हुई 24 साल!
पटना। 30 मई को बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड के रिजल्ट आए और उसमें करीब साढ़े सात लाख बच्चे फेल हो गए। इनमें से कई तो ऐसे भी हैं जिन्होंने IIT, BHU सरीखी संस्थाओं की कठिन परीक्षाएं पास कर लीं लेकिन बिहार बोर्ड ने उन्हें फेल कर दिया।

पिछली बार की तरह इस बार भी एक टॉपर गणेश कुमार निकला जिसे ना तो अपने विषय का मूल ज्ञान था, ना ही उसे यह पता था कि सुर और ताल में क्या फर्क होता है। जबकि गणेश को संगीत में 83 और हिन्दी में 92 नंबर मिले हैं।इतना ही नहीं गणेश की उम्र 42 वर्ष है लेकिन उसने उस जन्मतिथि के साथ फर्जीवाड़ा कर अपनी उम्र 24 वर्ष लिखावाई थी।
सूत्रों के अनुसार गणेश साल 2009 से 2014 तक झारखंड स्थित गिरीडीह के सरिया में चिट फंड की कंपनी चलाता था। इस काम में उसे घाटा हुआ और वह झारखंड से बिहार के समस्तीपुर आ गया। यहां आकर उसने ट्यूशन देना शुरू किया और फिर से पढ़ाई करने का फैसला किया।
तब दी 12वीं की परीक्षा
फिर गणेश ने संजय गांधी हाई स्कूल, लक्षमिनिया, शिवाजीनगर से हाईस्कूल और फिर रामनंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक इंटर कॉलेज, चकहबीव से 12वीं की परीक्षा दी।
उसने 12वीं के लिए यह कॉलेज इसलिए चुना ताकि उसे क्लास ना करना पड़े। बता दें कि जिस कॉलेज से गणेश कुमार ने 12वीं की परीक्षा देने के लिए अपना नामंकन कराया था वो 1317 कॉलेजों की सूची में शामिल है, जिनके जांच का आदेश हाल ही में दिया गया।
3 कमरों के इस कॉलेज की स्थापना साल 2013 में की गई थी जहां ना तो क्लास होती है, ना गणेश कभी पढ़ने गया। गणेश ने सिर्फ शिक्षकों से संपर्क की बदौलत प्रैक्टिकल में अंक हासिल कर लिए।
हिन्दी में 92, संगीत में 83 नंबर
गौरतलब है कि गणेश कुमार को पांच विषयों में मिला है। उसे हिंदी में 92, एनआरबी में 78, संगीत में 83, इतिहास में 80 और समाजशास्त्र में 80 अंक मिले हैं।
हालांकि मनोविज्ञान में गणेश कुमार को सिर्फ 59 अंक मिले हैं। मनोविज्ञान के थ्योरी पेपर में गणेश को सिर्फ पासिंग मार्क्स 33 नंबर ही मिले हैं। वहीं 67 नंबर के प्रैक्टिकल में उसे 26 अंक मिले हैं।












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