Bihar Politics: BJP के ‘चुनावी मुद्दे’ की काट के लिए मुख्यमंत्री नीतीश ने बनाया ये मास्टरप्लान, जानिए
CM Nitish, Election Plan: लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र बिहार में सियासी हलचल बढ़ चुकी है। राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं। इसी क्रम में बिहार में भाजपा अयोध्या में हो रहे मंदिर निर्माण का सियासी माइलेज नहीं ले सके, इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मास्टरप्लान तैयार कर लिया है।
बिहार सरकार ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तरह ही बिहार में मां सीता के लिए भव्य मंदिर निर्माण का फ़ैसला लिया है। नीतीश सरकार ने मां सीता की जन्मस्थली (पुनौरा धाम, सीतामढ़ी) में मंदिर बनाने के लिए 72 करोड़ के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 16 सिंतबर को झंझारपुर रैली में, मां सीता के नाम पर जनता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा था मैं माता जानकी धरती आया हूं। मां सीती ने पति व्रता धर्म से पूरी दुनिया को परिचय कराया था। शाह की सियासत कब कौन सा रुख मोड़ दे, कोई नहीं बता सकता।
अमित शाह की रैली में हुए संबोधन से लोगों में यह चर्चा तेज़ हो गई मां सीता के बहाने बिहार में भाजपा सॉफ्ट हिंदुत्व का दांव खेल सकती है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शाह की रणनीति का काट करने के लिए मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह समझ चुके हैं कि बिहार में भाजपा अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर मां सीता के लिए मंदिर निर्माण को चुनावी मुद्दा बना सकती है। इसलिए सीएम नीतीश कुमार ने भाजपा की रणनीति को उसी दांव से मात दे दिया है। नीतीश कुमार ने भी भाजपा हिंदुत्व वाले एजेंडे को हिदुत्व कार्ड से जवाब देना शुरू कर दिया है।
बिहार में नीतीश सरकार ने हिंदुत्व एजेंड के तहत दो मास्टरप्लान तैयार किया है। एक तो 120 करोड़ की लागत से गया जी धाम को देश का सबसे बड़ा धर्मशाला बनाना, वहीं दूसरी तरफ़ मां सीता की जन्म स्थली (पुनौर धाम, सीतामढ़ी) 72 करोड़ की लागत से मां सीता के भव्य मंदिर निर्माण के प्रस्ताव पर मुहर लगाना।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फ़ैसले पर लोगों का कहना है कि सीएम ने सही फ़ैसला लिया है। अब वक्त आ गया है कि भाजपा को उसी के एजेंडे की तहत मात दी जाए। क्योंकि भाजपा लोगों को मंदिर मस्जिद के मुद्दे पर ही भ्रमित करती है। भाजपा बिहार में मां सीता के लिए मंदिर निर्माण का हिंदुत्व कार्ड खेल सकती थी। इसलिए नीतीश कुमार मे पहले ही उनके चुनावी दांव का काट कर दिया।












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