'The Lipstick Boy': कौन हैं उदय, जिनकी जीवनी पर बनी Biopic में अमिताभ बच्चन ने निभाया किरदार
31 सालों के लंबे संघर्ष के जीवन पर आधारित इस फिल्म में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन मुख्य किरदार में नज़र आएंगे। लोक कला में विश्व प्रसिद्ध रहे भिखारी ठाकुर और कुमार उदय सिंह के जीवन पर यह फिल्म बनी है।

Success Story: इंसान के अंदर कुछ करने का जुनून हो तो वह चुनौतियों से जूझते हुए अपनी अलग पहचान बना ही लेता है। कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार के लाल नालंदा ज़िले के रहने वाले उदय सिंह की। जिनकी 31 सालों के संघर्ष की जीवनी पर बायोपिक 'The Lipstick Boy' बनी है। बिहार के इतिहास में पहली बार सदी के महानायक अमिताभ बच्चने ने किसी बिहारी की जीवनी पर बनी बायोपिक में किरदार निभाया है। बिहार दिवस के मौक़े पर फिल्म "द लिपस्टिक बॉय" 24 मार्च को पटना के सिनेमा घर रिलीज होगी।
राजेंद्र प्रसाद सिंह (कुमार उदय सिंह के चाचा) ने बताया कि उदय शुरू से ही नृत्य कला (लौंडा नाच) में रुचि रखता था। स्कूल और कॉलेज में के फंक्शन में वह शौक से हिस्सा लेता था। घर में भी चोरी चुपके महिला की कॉस्ट्यूम पहनता था। उसकी इन हरकरतों पर घर के लोगों और गांव वालों ने भी कई बार फटकार लगाई। इसके बावजूद वह पढ़ाई के साथ अपने धुन में मस्त रहता था। पढ़ाई करने के बहाने पटना का रुख किया और वहां पढ़ाई से किनारा कर इसी क्षेत्र में काम करने लगा।
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पटना में नृत्य कला (लौंडा नाच) करना शुरू कर दिया और उसके बाद वह घर नहीं आया। उदय के दो भाई और तीन बहन है। वह अपने भाई बहनों में तीसरे नंबर पर हैं। छः साल पहले उदय की मां इंदु देवी और पिता नंदलाल यादव का निधन हो गया। फिल्हाल कुमार उदय सिंह पटना में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उनकी 3 संतान हैं। बिहार के नालंदा ज़िले के रहने वाले रंगकर्मी कुमार उदय सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म ' द लिपिस्टिक ब्यॉय' में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन काम करते नज़र आएंगे।
नालंदा ज़िले के दोसुत गांव (रहुई प्रखंड) निवासी नंद लाल यादव के बेटे कुमार उदय सिंह पिछले 31 सालों से महिला के रूप में नाच रहे हैं। रंगकर्मी कुमार उदय सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म 'द लिपिस्टिक ब्यॉय' में महानायक अमिताभ बच्चन के अलावा कई दिग्गज कलाकारों ने अपने हुनर का जलवा बिखेरा है। 'द लिपिस्टिक ब्यॉय' फ़िल्म में नर्तकों के जीवन संघर्ष को दिखाया गया है। लोक कला में विश्व प्रसिद्ध रहे भिखारी ठाकुर और कुमार उदय सिंह के जीवन पर यह फिल्म बनी है। एक मर्द को महिला के रूप में नाचने पर उनके परिजनों को किस प्रकार के सवालों से गुजरना पड़ता है। फ़िल्म में खास तौर से यह दिखाने की कोशिश की गई है। समाज के लोग उन्हें किस निगाह से देखते हैं, कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।'द लिपिस्टिक ब्यॉय' में इन सारी पहलुओं को दिखाने की कोशिश हुई है।
बायोपिक में महानायक अमिताभ बच्चन के रॉल में एक आम आदमी से रंगकर्मी बनने तक की कहानी है। इसके साथ ही फ़िल्म में परिवारक दूरियां, सालों के संघर्ष के साथ ही लोक नृत्य, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलकियां दिखाई गई हैं। फ़िल्म में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों के लोक नृत्य( लौंडा नाच) देखने को मिलेगा। कुमार उदय सिंह को लोक नृत्य (लौंडा नाच) दिखाने के लिए प्रदेश, देश और विदेश में सम्मानित किया जा चुका है।
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