बिहार: सरकारी दफ्तरों में होगी बायोमेट्रिक हाज़री, लेट पहुंचने पर होगी सख़्त कार्रवाई
बिहार में अब सरकारी दफ़्तरों में लेटलतीफ़ी पर लगाम लगाने की क़वायद तेज़ हो चुकी है।
पटना, 19 अप्रैल 2022। बिहार में अब सरकारी दफ़्तरों में लेटलतीफ़ी पर लगाम लगाने की क़वायद तेज़ हो चुकी है। सरकार मुलाज़िमों वक़्त पर दफ़्तर पहुंचना उनकी आदतों में शुमार होने वाला है। अब सरकारी दफ़्तरों से गायब रहने वाले और लेट से पहुंचने वाले मुलाज़िमों की परेशानियां बढ़ने जा रही है। क्योंकि एक जून से बिहार के सभी दफ्तरों में बायोमेट्रिक हाज़िरी लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। बायोमेट्रिक हाज़िरी की वजह से सभी सरकारी और निविदा पर काम करने वाले मुलाज़िमों को वक्त पर दफ़्तर पहुंचना पहुंचना मजबूरी बन जाएगी। वहीं लेट पहुंचने वाले कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए सस्पेंड भी किया जा सकता है।

आम आदमी को होगा काफी फ़ायदा
बिहार सरकार के इस बायोमेट्रिक हाज़िरी वाली पहल से आम आदमी को काफ़ी फ़ायदा होगा क्योंकि उनके काम करने वाले सरकारी कर्मी वक़्त पर दफ़्तर में मौजूद रहेंगे। ग़ौकतलब है कि सचिवालय में बायोमंट्रिक हाज़िरी की व्यवस्था पहले से ही लागू है। अब अन्य सरकारी दफ़्तरों में पक्के मुलाज़िमों के साथ-साथ कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को भी बायोमीट्रिक हाजिरी लगानी होगी। गृह विभाग ने इस बाबत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी विभाग अध्यक्ष, सभी जिलों के प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, रेंज आइजी-डीआइजी और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया है।

20 मई तक उपकरण को इंस्टॉल करने के आदेश
बायोमेट्रिक मशीन लगाने के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक बायोमेट्रिक मशीन खरीदने के लिए पांच मई और उपकरण को इंस्टॉल करने के लिए 20 मई का वक़्त दिया गया है। बिहार के मुख्यालय स्थित दफ़्तरों (सचिवालय और निदेशालय) में बायोमेट्रिक हाज़िरी की सुविधा पहले से मौजूद है। इसलिए वहां अब आधार आधारित बायोमेट्रिक हाज़िरी की व्यवस्था की जा रही है। आज से सुबह 11:30 बजे से बायोमेट्रिक हाज़िरी की सरकारी दफ़्तरों में प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गयी । प्रशिक्षण उन दफ़्तरों के कर्मियों को दिया गया जहां बायोमेट्रीक मशीन पहली बार लगाई जाएगी।

सभी दफ्तरों के आलाअधिकारी रहे मौजूद
पहली बार बायोमेट्रिक मशीनें लगने वाले दफ़्तरों के ट्रेनिग में बायोमीट्रिक हाजिरी के नोडल पदाधिकारी, मास्टर ट्रेनर, सभी विभागों के आइटी मैनेजर और बेल्ट्रोन के अधिकारी शामिल रहे। ज्यादा से ज्यादा 40 कर्मियों पर एक बायोमेट्रिक मशीन का आंकलन सरकारी दफ़्तरों में किया गया। सभी रिजनल ऑफिस के के नोडल पदाधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालय के कर्मियों का फिंगर प्रिंद लिया गया। सभी सरकारी पदाधिकारी और कर्मियों की दस उंगलियों का फिंगर प्रिंट लेकर समय से पंजीकरण की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। आपको बता दें कि बायोमेट्रिक मशीन की जिलों के क्षेत्रीय कार्यालयों को ही दी गई है।
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