Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

बिहार शौचालय घोटाला: SBI बैंक का मैनेजर गिरफ्तार, बक्सर में SIT की छापेमारी से पर्दाफाश

जिस वक्त ये घोटाला हुआ था, उस वक्त वो पटना के गांधी मैदान स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात थे। इसी के द्वारा करोड़ों रुपए ट्रासफर किए गए थे।

पटना। हाल-फिलहाल बिहार में सामने आए शौचालय घोटाले की जांच कर रही पुलिस ने 15 करोड़ रुपए के घोटाले में गांधी मैदान, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी मैनेजर शिव शंकर झा को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उनसे पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है और इस घोटाले से जुड़े कई अहम सबूत के साथ-साथ सुराग मिलने की आशंका बताई जा रही है। 10 हजार शौचालय निर्माण के लिए करीब 15 करोड़ रुपए घोटाले का मामला सामने आया था। जिसके बाद पटना के एसएसपी मनु महाराज ने एक एसआईटी टीम गठित करते हुए मामले की जांच शुरू की थी और इस जांच के दौरान दोषी पाए गए एक बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी बक्सर SBI ब्रांच से की गई, जहां वो ब्रांच मैनेजर है। जिस वक्त ये घोटाला हुआ था, उस वक्त वो पटना के गांधी मैदान स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात थे।

Bihar toilets scam: SBI bank manager arrested, SIT raid in buxar

मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि शौचालय घोटाले की जांच कर रही एसआईटी टीम को इस मामले में बैंक मैनेजर की संलिप्तता सामने आई है जिसके बाद बक्सर में छापेमारी शुरू की गई और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया। अब तक इस मामले में पहली गिरफ्तारी हुई है। इस मामले में बैंक मैनेजर ने नवादा के आदी सेवा संस्थान के खाते में चेक पर हस्ताक्षर के करीब 10 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। जब इस बात की जानकारी जांच टीम को मिली तो उन्होंने बैंक अधिकारी से पूछताछ करना शुरू कर दिया। जिसमें बैंक मैनेजर की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें बक्सर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है और पूछताछ के दौरान कई अहम सबूत और सुराग मिले हैं।

Bihar toilets scam: SBI bank manager arrested, SIT raid in buxar

आपको बता दें कि इस मामले में जिला प्रशासन ने 3 नवंबर को विनय कुमार सिन्हा बटेश्वर के साथ-साथ चार NGO और आठ लोगों पर 14 करोड़ रुपए गबन करने के आरोप में FIR दर्ज करवाया था। जिसमें ये आरोप लगाया गया था कि शौचालय बनाने का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में डालने की बजाय NGO और दो व्यक्तियों के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया था। जिसके बाद जिला अधिकारी ने मामले की जांच का आदेश जारी करते हुए इस मामले में FIR कराने का आदेश दिया था। ये घोटाला लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का है और इसके मुख्य आरोपी हैं विनय कुमार सिन्हा। जिन्होंने कार्यपालक अभियंता रहते हुए 2012 से 2015 तक दस हजार शौचालय के नाम पर पैसे का बंदरबांट किया था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+