Bihar Today: चुनाव से पहले गरमाई बिहार की राजनीति, नेताओं के बीच तेज हुई सियासी तकरार, आज क्या है खास?
Bihar Today: बिहार की सियासत एक बार फिर गर्म हो चुकी है। विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं की जुबानें तेज और हमले धारदार होते जा रहे हैं। कभी एक-दूसरे के रणनीतिकार रहे नेता अब एक-दूसरे पर तीखे शब्दबाण चला रहे हैं।
जीतन राम मांझी ने जहां चिराग पासवान की राजनीति पर सीधा निशाना साधा, वहीं तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता लालू यादव के प्रति भावनात्मक जुड़ाव दिखाकर राजनीतिक संकेत दे दिए। इसी कड़ी में प्रशांत किशोर ने भी लालू यादव के पुराने शासनकाल को घेरते हुए 'जंगल राज' की याद दिला दी। इन बयानों से साफ है कि बिहार की सियासत अगले कुछ महीनों में और भी गरमाने वाली है।

मांझी ने चिराग पासवान पर कसा तंज
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय को घेरा। साथ ही उन्होंने चिराग पासवान की रैली और उनकी गतिविधियों को लेकर भी तीखा हमला किया। मांझी ने कहा, "जो नेता मजबूत होते हैं, वो ज्यादा बोलते नहीं हैं। दिखावा वही करता है जो कमजोर होता है।"
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तेजप्रताप यादव ने पोस्ट से बढ़ाई हलचल
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी। उन्होंने अपने पिता की एक तस्वीर को गले लगाते हुए फोटो पोस्ट की और लिखा, "अंधेरा जितना गहरा होगा, सुबह उतनी ही नजदीक होगी।" तेजप्रताप के इस भावनात्मक अंदाज ने उनके समर्थकों के बीच कई तरह की चर्चा को जन्म दिया है।
लालू यादव के ट्वीट पर जदयू का पलटवार
लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "नीतीश बताएं कि शाम पांच बजे से पहले घर में घुसकर ही कितनी हत्याएं हो रही हैं?" इसके जवाब में जेडीयू ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि इस उम्र में ट्वीट-ट्वीट खेलना छोड़ दीजिए, आपके पुत्र का राजनीतिक चैप्टर खत्म हो चुका है।
प्रशांत किशोर ने फिर साधा निशाना
बिहार की राजनीति में तीसरे मोर्चे की भूमिका निभा रहे प्रशांत किशोर ने भी लालू यादव और आरजेडी पर तीखा वार किया। सारण में जनसभा के दौरान उन्होंने कहा, "लालू यादव अगर अपराध की बात करेंगे, तो ये वैसा ही है जैसे जंगल का शेर कहे कि अब मैं शाकाहारी हो गया हूं।" उन्होंने लालू के शासनकाल को 'जंगल राज' बताते हुए कहा कि उस दौर में बिहार अपराध के गढ़ के रूप में जाना जाता था।
एनडीए ने पीके के बयान को बताया सही
पीके के इस बयान से जहां आरजेडी खेमा भड़क उठा, वहीं एनडीए ने इसपर संयमित प्रतिक्रिया देते हुए इशारों में समर्थन दिया। पीके ने नीतीश और लालू, दोनों को आड़े हाथों लिया और खुद को एक नया विकल्प के रूप में पेश किया।
2025 के चुनाव से पहले गरमाने लगी राजनीति
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बयानबाजी और तंज से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। हर दल खुद को मजबूत और दूसरे को कमजोर साबित करने में जुटा है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीति और ज्यादा गर्माने की पूरी संभावना है।
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