Nitish Kumar Rajya Sabha: नीतीश कुमार के राज्यसभा प्लान से जेडीयू में बगावत, विधायक बोले- "यह मंजूर नहीं"
Nitish Kumar Rajya Sabha Election 2026: बिहार की राजनीति में उस वक्त एक बड़ा भूचाल आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन किया। जेडीयू (JD-U) के भीतर इस फैसले को लेकर गहरी मायूसी और 'दबी हुई बगावत' के सुर सुनाई देने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ विधायक बिनय कुमार चौधरी ने इस पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि कार्यकर्ता और नेता इस फैसले से दुखी हैं।
आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली अहम बैठक से पहले यह बयान नीतीश कुमार के सुरक्षित राजनीतिक भविष्य के दावों पर सवालिया निशान लगा रहा है। बिहार की सत्ता का केंद्र अब मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) से दिल्ली की ओर खिसकता दिख रहा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

नीतीश का 'राज्यसभा' प्लान और पार्टी में मायूसी
जेडीयू विधायक बिनय कुमार चौधरी का बयान पार्टी के भीतर मची छटपटाहट का आईना है। उन्होंने साफ कहा, "हम सब दुखी हैं, लेकिन उनके फैसले पर कुछ कह नहीं सकते।" पार्टी के भीतर यह डर घर कर गया है कि अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं, तो बिहार में जेडीयू का वजूद और भविष्य क्या होगा? वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि यह फैसला पार्टी को बिखरने की ओर ले जा सकता है।
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Bihar politics: सुलह या आखिरी फैसला?
मुख्यमंत्री आवास पर आज शाम 5 बजे होने वाली बैठक बेहद निर्णायक मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो कई विधायक नीतीश कुमार के इस कदम के खिलाफ हैं और वे अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं। यह बैठक केवल राज्यसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए नहीं, बल्कि पार्टी को टूट से बचाने की एक कोशिश भी है। विधायकों का मानना है कि नीतीश के बिना बिहार में नेतृत्व का संकट खड़ा हो जाएगा।
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Bihar News Hindi: नीतीश के फैसले के पीछे की सियासी मजबूरी?
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला उनकी किसी बड़ी सियासी रणनीति या केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका की ओर इशारा है। हालांकि, जेडीयू के जमीनी कार्यकर्ता इसे 'मैदान छोड़ने' जैसा देख रहे हैं। विधायक बिनय चौधरी के "कुछ कह नहीं सकता" वाले बयान ने इस संदेह को और पुख्ता कर दिया है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।












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