'पहले पन्ने के बाद लिखावट बदली', CBSE री-इवैल्यूएशन पर खड़े हुए बड़े सवाल, वेदांत के बाद अब किसने लगाए आरोप?

CBSE Answer Sheet Row: CBSE बोर्ड की कॉपियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले दिल्ली के छात्र वेदांत ने दावा किया था कि उसे फिजिक्स की जो स्कैन कॉपी भेजी गई, वह उसकी नहीं थी। अब संजना नाम की छात्रा ने भी केमिस्ट्री आंसरशीट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रा का कहना है कि बोर्ड की तरफ से मिली स्कैन कॉपी में सिर्फ पहला पन्ना उसका दिखाई देता है, जबकि बाकी पूरी कॉपी किसी दूसरे छात्र की लग रही है। ऐसा ही कुछ आरोप जानी मानी फाइनेंस जर्नलिस्ट गीतू मोजा ने भी लगाया है। उनकी बेटी की कॉपी के साथ भी कुछ ऐसी ही गड़बड़ी हुई है।

सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावक भी CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस बीच कई और छात्रों ने भी कम अंक, गलत मूल्यांकन और स्कैनिंग गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता पर नई बहस शुरू हो गई है।

CBSE Answer Sheet Row

री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल

CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में आ गई है। पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें छात्रों ने दावा किया है कि उन्हें जो स्कैन कॉपी भेजी गई, वह उनकी असली उत्तर पुस्तिका नहीं थी।

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पहले वेदांत नाम के छात्र ने फिजिक्स की कॉपी बदलने का आरोप लगाया था। अब संजना नाम की छात्रा ने भी केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका को लेकर सवाल उठाए हैं। छात्रा का कहना है कि स्कैन कॉपी में दिखाई गई लिखावट उसकी हैंडराइटिंग से बिल्कुल अलग है।

संजना ने क्या कहा?

संजना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत अपनी केमिस्ट्री की स्कैन कॉपी मंगाई थी। कॉपी देखने के बाद वह हैरान रह गईं क्योंकि उसमें लिखे जवाब और लिखावट उनके नहीं लग रहे थे।

छात्रा के मुताबिक उनकी अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका में जो लिखावट दिखाई देती है, वह केमिस्ट्री की कॉपी से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि उन्हें केमिस्ट्री में 70 में से सिर्फ 11 अंक मिले, जबकि उन्हें इससे कहीं ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी।

संजना का दावा है कि स्कैन कॉपी के हर पन्ने पर किसी और छात्र की लिखावट नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि जो जवाब उन्होंने परीक्षा में लिखे थे, वे कॉपी में दिखाई ही नहीं दे रहे। ऐसे में उन्हें पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया पर शक हो रहा है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा गुस्सा

संजना का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा बढ़ गया। लोग CBSE की ऑनलाइन स्कैनिंग और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर इस तरह की गड़बड़ियां हो रही हैं तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। अभिभावकों ने बोर्ड से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच की मांग की है।

दूसरे छात्रों ने भी लगाए आरोप

सिर्फ संजना ही नहीं, कई अन्य छात्रों ने भी गलत मूल्यांकन और कम अंक देने के आरोप लगाए हैं। एक छात्र ने दावा किया कि अंग्रेजी और हिंदी जैसे विषयों में उम्मीद से काफी कम नंबर दिए गए। छात्र के मुताबिक बहुविकल्पीय सवालों के सही जवाब देने के बावजूद पूरे अंक नहीं मिले। इसी तरह गणित में भी कई सवालों पर नंबर काटे गए।

छात्रों का कहना है कि या तो कॉपियों की जांच में लापरवाही हुई है या फिर स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी है।

हेल्पलाइन पर नहीं मिला जवाब

संजना ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर CBSE को ईमेल भेजा और हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि लगातार प्रयास के बावजूद बोर्ड अधिकारियों से बात नहीं हो पा रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।

गीता मोजा ने उठाए सवाल

सोशल मीडिया पर गीता मोजा ने भी CBSE की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आखिरकार उत्तर पुस्तिकाएं मिलने के बाद पता चला कि छात्र (उनकी बेटी) को करीब 30 अंक कम दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि 12वीं के छात्रों के लिए अंक बेहद अहम होते हैं क्योंकि कॉलेज एडमिशन पूरी तरह इन्हीं नंबरों पर निर्भर करता है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसी है।

गीता मोजा ने यह भी कहा कि री-चेकिंग फीस लेने के बाद कई दिनों तक स्कैन कॉपियां उपलब्ध नहीं कराई गईं। वेबसाइट लगातार "अंडर मेंटेनेंस" दिखाती रही और छात्र तनाव में रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि CBSE ने बिना सही तैयारी के नया मूल्यांकन सिस्टम लागू किया, जिसके कारण छात्रों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वेदांत मामले से शुरू हुआ विवाद

इस विवाद की शुरुआत दिल्ली के शाहदरा निवासी वेदांत के मामले से हुई थी। वेदांत ने आरोप लगाया था कि CBSE ने उन्हें फिजिक्स की जो स्कैन कॉपी भेजी, वह उनकी नहीं थी। छात्र का कहना था कि कॉपी के पहले पेज पर नाम और रोल नंबर सही थे, लेकिन अंदर की लिखावट किसी और छात्र की थी। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद CBSE ने जांच की।

CBSE ने मानी थी गलती

वेदांत के मामले में बाद में CBSE ने गलती स्वीकार कर ली थी। बोर्ड ने माना कि स्कैन कॉपी में गड़बड़ी हुई थी और छात्र की शिकायत सही थी। इसके बाद बोर्ड ने सही उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई और परिणाम अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी घटना के बाद कई और छात्र खुलकर सामने आने लगे।

शिक्षा मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

मामला बढ़ने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि पूरे विवाद की तकनीकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि आईआईटी मद्रास (Indian Institute of Technology Madras) और आईआईटी कानपुर (Indian Institute of Technology Kanpur) के विशेषज्ञ री-इवैल्यूएशन और ऑनलाइन स्कैनिंग सिस्टम में आई तकनीकी समस्याओं की जांच करेंगे।

सरकार का कहना है कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बने।

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