China on Quad meeting: क्वाड की दिल्ली बैठक से कांप उठा चीन, क्या है वो 'गुप्त' फैसला जिससे बौखलाया ड्रैगन?
China Reaction on Quad Meeting: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध संकट के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में क्वाड देशों की अहम बैठक हुई. भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, समुद्री निगरानी और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा की. लेकिन इस बैठक के तुरंत बाद चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी. बीजिंग ने कहा कि किसी भी समूह का इस्तेमाल "तीसरे देश" को निशाना बनाने के लिए नहीं होना चाहिए.
चीन ने क्वाड पर "छोटे गुट" बनाकर टकराव बढ़ाने का आरोप लगाया. ऐसे समय में यह बयान अहम माना जा रहा है, जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन और क्वाड देशों के बीच रणनीतिक मुकाबला लगातार तेज हो रहा है.

Quad Delhi meeting 2026: दिल्ली में हुई क्वाड देशों की बड़ी बैठक
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री S. Jaishankar ने की. इसमें अमेरिका के Marco Rubio, ऑस्ट्रेलिया की Penny Wong और जापान के Toshimitsu Motegi शामिल हुए. बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, सप्लाई चेन और समुद्री सहयोग पर चर्चा हुई. चारों देशों ने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
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चीन ने कहा- किसी तीसरे देश को निशाना न बनाएं
क्वाड बैठक के बाद चीन ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने कहा कि देशों के बीच सहयोग शांति और विकास के लिए होना चाहिए, न कि किसी तीसरे देश को निशाना बनाने के लिए. चीन ने साफ कहा कि वह "छोटे गुट" और "ब्लॉक राजनीति" का समर्थन नहीं करता. बीजिंग का मानना है कि ऐसे गठबंधन क्षेत्रीय भरोसे और सहयोग को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
Mao Ning on Quad: इंडो-पैसिफिक पर क्वाड का फोकस बढ़ा
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में क्वाड देशों ने "फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक" के समर्थन को दोहराया. नेताओं ने कहा कि सभी देशों को अपनी राह चुनने की आजादी मिलनी चाहिए. इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए नई पहल पर भी सहमति बनी. माना जा रहा है कि यह कदम चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, हालांकि क्वाड ने सीधे तौर पर चीन का नाम नहीं लिया.
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पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ी रणनीतिक हलचल
ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है. दुनिया की बड़ी ताकतें इस समय समुद्री रास्तों और व्यापारिक सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं. ऐसे माहौल में क्वाड देशों का साथ आना इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में क्वाड की भूमिका और ज्यादा मजबूत हो सकती है.
चीन-क्वाड तनाव आगे और बढ़ सकता है
चीन पहले भी क्वाड को अपने खिलाफ बन रहे रणनीतिक समूह के तौर पर देखता रहा है. बीजिंग का आरोप है कि अमेरिका एशिया में नए गुट बनाकर चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है. वहीं क्वाड देश कहते हैं कि उनका मकसद क्षेत्र में स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था बनाए रखना है. लेकिन नई दिल्ली बैठक के बाद चीन की प्रतिक्रिया से साफ है कि इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन की लड़ाई आने वाले समय में और तेज हो सकती है.












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