Ritlal Yadav: कौन हैं रीतलाल यादव? जिन्होंने कोर्ट में किया सरेंडर, उनके ऊपर दर्ज है कई आपराधिक मुकदमे

Ritlal Yadav: बिहार में जब बाहुबलियों की बात होती है तो उसमें एक नाम आता है रीतलाल यादव (Ritlal Yadav) का। रीतलाल यादव दानापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वो किसी ना किसी कारण अक्सर सुर्खियों में बने रहते है। वहीं, एक बार फिर रीतलाल यादव सुर्खियों में छाए हुए है।

दरअसल, आरजेडी विधायक रीतलाल यादव ने गुरुवार 17 अप्रैल को दानापुर कोर्ट में सरेंडर किया है। जिसके बाद कोर्ट ने रीतलाल यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बता दें कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने, रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

Ritlal Yadav

पुलिस ने 11 अप्रैल को उनसे जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद आज वो कोर्ट में पेश हुए। चलिए आपको बताते है कि रीतलाल यादव कौन हैं? इनका राजनीतिक रसूक कैसा है और आपराधिक रिकॉर्ड क्या है...

कौन हैं रीतलाल यादव?

बिहार की राजनीति में बाहुबली छवि के लिए पहचाने जाने वाले राजद विधायक रीतलाल यादव कोथवा गांव के रहने वाले है। रीतलाल यादव कभी पटना जिले के दानापुर डिवीजन में रेलवे के ठेकेदारों के 'बेताज बादशाह' माने जाते थे। उनका राजनीतिक रसूख भी कम नहीं रहा। वे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते हैं और वर्तमान में तेजस्वी यादव के भी नजदीकी हैं। वर्ष 2016 में जेल में रहते हुए वे विधान परिषद के सदस्य बने और 2020 में जमानत पर रिहा होकर दानापुर विधानसभा से चुनाव जीत कर विधायक बने।

आपराधिक छवि और चर्चित मामले

रीतलाल यादव का नाम हमेशा से विवादों में रहा है। उन पर भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की हत्या, चलती ट्रेन में दो रेलवे ठेकेदारों की हत्या, और छठ के दिन चुन्नू सिंह की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। हाल ही में, सत्यनारायण सिन्हा हत्याकांड में निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन सत्यनारायण की पत्नी और पूर्व विधायक आशा देवी ने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जहां सुनवाई चल रही है।

छापेमारी का कारण: रंगदारी और धमकी

पटना के पुनाईचक निवासी बिल्डर कुमार गौरव ने आरोप लगाया है कि कोथवा गांव में अपार्टमेंट निर्माण के दौरान रीतलाल यादव और उनके सहयोगियों ने उनसे रंगदारी मांगी और जान से मारने की धमकी दी। इसी शिकायत के आधार पर पटना पुलिस ने विधायक के आवास पर रेड की। दर्जनों गाड़ियों पर सवार होकर पुलिस ने विधायक आवास पर छापेमारी की थी।

परिवार भी विवादों से अछूता नहीं

रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव पर भी एम्स पटना के सिक्योरिटी ऑफिसर पर जानलेवा हमले का आरोप है। पुलिस ने उनके घर पर नोटिस चिपकाया, लेकिन वह फरार हैं। रीतलाल और उनका परिवार वर्षों से अवैध बालू खनन, बेनामी संपत्तियों, और अपराधियों के नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में इनकी संपत्तियों को जब्त किया है।

विवादों में नाम, राजनीति में पकड़

1990 के दशक से ही रीतलाल यादव का नाम दबंग राजनीति, ठेकेदारी वर्चस्व और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। गंगा और सोन नदियों में होने वाले अवैध बालू खनन पर उनका व्यापक नियंत्रण बताया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि "इलाके में कोई भी बड़ा काम रीतलाल यादव की मर्जी के बिना नहीं होता।"

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